जानिए शहद से किन-किन रोगों के उपचार में मिल सकती है मदद

जानिए शहद से किन-किन रोगों के उपचार में मिल सकती है मदद

शहद सालों से हमारे रसोईघरों में मिलने वाली सामान्य सामग्री की सूची में सम्मिलित रहा है। शहद के उपभोग का इतिहास 4000 सालों से भी पुराना है।

ऐतिहासिक साक्ष्य बताते हैं कि सुमेरियन लोग भी शहद के स्वाद और इसकी उपयोगिता से परिचित थे।

भारत में भी शहद अतीत से ही औषधीय तौर पर उपयोग होता आया है और इसका प्रयोग अनेक रोगों के उपचार के लिए होता रहा है।

विज्ञान और आयुर्वेद दोनों में ही शहद के औषधीय गुणों का लाभ उठाया जाता है।

शहद में मौजूद कुछ प्रमुख पौष्टिक तत्वों में फल शर्करा, कार्बोहाइड्रेट, राइबोफ्लेविन, नायसिन, विटामिन ‘बी-6’, विटामिन ‘सी’, एमिनो एसिड आदि सम्मिलित हैं।

आपको बता दें कि शहद में वसा यानी फैट, प्रोटीन, फाइबर आदि बिलकुल भी नहीं पाए जाते हैं। एक चम्मच शहद में लगभग 64 कैलोरी निहित पायी जाती है।

शहद में मौजूद इन गुणों को देखते हुए, आइए जानें कि यह किन-किन रोगों के उपचार में हमारी मदद कर सकता है।

1) खांसी में राहत

शहद खांसी के उपचार के लिए सामान्य घरेलू औषधि के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।

शहद में मौजूद एंटीबैक्टीरियल या जीवाणुरोधी तत्व संक्रमण को रोकने में मदद करते हैं।

शरीर में व्याप्त कफ की समस्या को दूर करते हैं और इसी कारण खांसी से आराम मिलता है।

खांसी से निजात पाने के लिए आप रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद डालकर पी सकते हैं।

2) बेहतर मूड बनाने में उपयोगी

शहद का सेवन आपके मूड को अच्छा बनाने का काम भी कर सकता है यानी शहद एक बेहतर मूड बूस्टर का काम भी करता है।

शहद का सेवन हमारे शरीर में चीनी की तरह इंसुलिन को बढ़ाता है जिससे सेरोटाॅनिन का स्राव होता है और यह हमारे मूड को ठीक करके हमें खुशी का एहसास कराता है।

इसके अलावा यह हमारी नींद में भी सुधार लाता है क्योंकि बढ़े हुई इंसुलिन से स्रावित सेरोटाॅनिन मेलैटोनिन में बदलता है और इसी कारण नींद की अवधि व उसकी गुणवत्ता में सुधार आता है।

3) रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि

शहद आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता की वृद्धि भी करता है और उसे संक्रामक रोगों से लड़ने के काबिल बनाता है।

इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट ह्रदय से संबंधित समस्याओं से बचाव करता है।

4) कोलेस्ट्रॉल के नियंत्रण में मदद

शहद आपके शरीर में बढ़े कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम कर सकता है, क्योंकि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद करते हैं।

इसके अलावा इसमें उपस्थित पालिफेनोल शरीर में जमा बुरे कोलेस्ट्रॉल के स्तर कम करता है तथा अच्छे या लाभप्रद कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सुधारता है।

5) मधुमेह से राहत

वैज्ञानिक अध्ययन बताते हैं कि शहद में प्राकृतिक मिठास होता है और मधुमेह के मरीज इसका चीनी के स्थान पर उपयोग कर सकते हैं।

इसका निम्न ग्लाईकेमिक सूचकांक मधुमेह के रोगियों के लिए अच्छा साबित होता है।

इसके अलावा यह सीरिम इंसुलिन के लेवल को बढ़ाता है और शरीर की इंसुलिन प्रतिरोधकता को कम करता है। इस कारण मधुमेह के रोग में आराम मिलता है।

6) घावों को भरने में मदद

शहद घावों के भरने में मदद भी करता है।

इसमें मौजूद फ्लेवोनायड, फेनोलिक एसिड एवं लैसोजाइम एंटीबैक्टीरियल व एंटीइनफ्लेमेट्री गुणों से भरपूर होते हैं।

इसी कारण दर्द और सूजन में आराम मिलता है।

क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत में मदद मिलती है और घाव जल्दी भर जाते हैं।

5) बालों का स्वास्थ्य

शहद का सेवन बालों को स्वस्थ या सेहतमंद भी बनाता है।

इसके उपभोग से बाल मजबूत होते हैं और उनका झड़ना या गिरना बंद हो जाता है।

इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट बालों को फायदा देते हैं और फ्री-रेडिकल्स को हटाते हैं।

इसके अलावा ज्यादा देर तक धूप में रहने से या रसायनों आदि के कारण होने वाली बालों की हानि से बचाव भी करते हैं।

6) कील-मुहांसों में आराम

शहद के उपयोग से कील-मुहांसों से भी छुटकारा मिल सकता है।

इसमें उपस्थित जायलोज तथा सुक्रोज इसमें फायदा पहुंचाते हैं।

बैक्टीरिया की वृद्धि को नियंत्रित करते हैं और इस तरह कील-मुहांसों की समस्या से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।

7) वज़न कम करने में मदद

शहद के सेवन से व्यक्ति अपने शारीरिक वज़न को भी नियंत्रित कर सकता है।

शहद में वसा का अभाव होता है तथा यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करता है। इस प्रकार वजन बढ़ नहीं पाता।

शहद कब्ज की समस्या का समाधान भी करता है। शहद फल शर्करा के अवशोषण को कम करके कब्ज की समस्या से राहत देता है।

पेट फूलने एवं गैस बनने जैसी दिक्कतों से छुटकारा भी मिल जाता है।

शहद के सेवन के तरीके

शहद का सेवन कई प्रकार से किया जा सकता है।

1) शहद को प्रत्यक्ष या सीधे तौर पर भी उपभोग कर सकते हैं। एक या दो चम्मच शहद का सेवन कर सकते हैं।

2) शहद को आप दूध में डालकर पी सकते हैं।

3) दूध के अलावा आप शहद को गुनगुने पानी में भी ले सकते हैं।

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1 Response

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