अपने ब्लॉग के लिए अच्छे आर्टिकल कैसे लिखें? | WRITE ARTICLES FOR BLOG IN HINDI भाग: ५

अपने ब्लॉग के लिए अच्छे आर्टिकल कैसे लिखें?

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ब्लॉग बनाना बहुत ही आसान है लेकिन उसपे क्वालिटी कंटेन्ट पोस्ट करना बहुत ही मुश्किल! इसलिए यह जरूरी है कि हम अपने ब्लॉग पर शानदार कंटेन्ट पब्लिश करें।

दुनिया में 1 अरब से ज्यादा वेबसाइट्स हैं और दुनिया की कुल जनसंख्या 7 अरब है। यानि मोटे तौर पर हिसाब लगाएँ तो दुनिया में हर 7 लोगों पर 1 वेबसाइट है।

इस तरह से हम स्पष्ट तौर पर देख सकते हैं कि इंटरनेट की दुनिया में कंटेन्ट की किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है; कमी है तो सिर्फ और सिर्फ अच्छे कंटेन्ट की।

लोग उस ब्लॉग को पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं जिसमें कि अच्छा कंटेन्ट लिखा हो और साथ ही साथ उसे सही ढंग से भी पेश किया गया हो।

इसलिए अगर आप अपने ब्लॉग को कामयाब बनाना चाहते हैं तो यह बहुत ज्यादा जरूरी है कि आप अच्छा कंटेन्ट लिखें; लोगों को अच्छी जानकारी दें और साथ ही साथ उसे एक शानदार तरीक से पेश भी करें ताकि लोगों को उसे समझने में आसानी हो।

तो ऐसा आप कैसे कर सकते हैं, चलिए जानते हैं

ब्लॉग के लिए अच्छा कंटेन्ट कैसे लिखें? | How To Write Good Content For Your Blog In Hindi

1) गहरी कंटेन्ट रिसर्च कीजिए (Content Research):

आप किसी टॉपिक पर अच्छा लिख पाएँ, इसके लिए जरूरी है कि आपको उस टॉपिक के बारे में अच्छा नालिज हो।

आप दूसरे लोगों को किसी बात को अच्छी तरह तभी समझा पाएँगे जबकि आप उस बात को पहले खुद सही से समझ लें। इसलिए किसी विषय पर लेख लिखना शुरू करने से पहले यह जरूरी है कि आप उस विषय पर पूरी जानकारी हासिल कर लें। इस काम को “Content Research” कहा जाता है।

कंटेन्ट रिसर्च करने के लिए आप गूगल या फिर यूट्यूब पे जाकर उस टॉपिक के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं जिसके बारे में आप आर्टिकल लिखने वाले हैं।

2) अपने आर्टिकल को एक शानदार टाइटल दीजिए (Write Dashing Title):

कहते हैं, “इंटरनेट पर अगर 10 लोग आपके आर्टिकल का टाइटल पढ़ते हैं तो उनमें से सिर्फ 2 लोग आपका आर्टिकल पढ़ते हैं।”

यानि कुल मिलाकर कहें तो हमारे आर्टिकल का टाइटल बहोत ज्यादा जरूरी होता है क्योंकि इसका बहुत सारे लोगों पर इम्प्रेशन पड़ता है।

अपने लेख के लिए अच्छा शीर्षक लिखने के लिए आप इन बातों का ख्याल रखें

* शीर्षक को छोटा-रखने का प्रयास करें (5-से-7 शब्द)
* शीर्षक में अपने टारगेटेड कीवर्ड का प्रयोग करें।
* शीर्षक को इस तरह लिखें कि लोग उसपे click करने से खुद को न रोक पाएँ।

3) आर्टिकल की शुरुआत आकर्षक तरीके से करें (Start in an interesting way):

आपके आर्टिकल की शुरुआत बहुत ज्यादा मायने रखती है क्योंकि यहीं पे रीडर को पता चल जाता है कि उसे आगे पढ़ना चाहिए या नहीं!

इसलिए यह जरूरी है कि आप अपने आर्टिकल को शानदार तरीके से शुरू करें। अपने आर्टिकल को इस तरीके से शुरू करें कि रीडर को पता न चले कि आगे क्या होने वाला है। उसके मन में ससपेन्स बना रहे। और जब रीडर के मन में ससपेन्स बना रहेगा तब ही वह आगे पढ़ेगा क्योंकि वह जानना चाहेगा कि आगे क्या होने वाला है।

अच्छी शुरुआत करने के लिए आप रीडर को कोई अपना इक्स्पीरीअन्स बता सकते हैं या फिर कोई कहानी सुना सकते हैं।

क्योंकि लोगों को जानकारी लेने में उतना मज़ा नहीं आता है जितना उन्हें कहानी सुनने में आता है इसलिए अच्छा होगा कि आप लोगों को रियल लाइफ के उदाहरण देकर और उन्हें कहानियों के रूप में पेश करके लोगों को जानकारी दें।

4. अपने आर्टिकल को छोटे-छोटे पैराग्राफस में बांटें (Write Short Paragraphs):

लंबे-लंबे पैराग्राफस पढ़ने में किसको मज़ा आता है?

आप खुद को ही ले लीजिए, जब आप किसी आर्टिकल को पढ़ते हैं तो बहुत बार पहले चेक करते हैं कि आर्टिकल कितना लंबा है और अगर वह बहुत ज्यादा लंबा होता है तो उसे छोड़ देते हैं।

इसलिए यह जरूरी है कि आप pointed बातें लिखें और छोटे-छोटे पैराग्राफ़्स में उन्हें पेश करें। इस तरह से लोगों को बातें जल्दी से समझ में आती हैं और वे उन्हें जल्दी-जल्दी पढ़ पाते है।

इसलिए किसी भी पैराग्राफ में 3 या 4 sentences से ज्यादा न लिखें। इससे पाठक को लेख पढ़ने में बोरियत आती है।

5) बुलेट पॉइंट्स और क्वोट्स जैसी चीजों को शामिल करें (Include Quotes and Bullet Points):

आर्टिकल के बीच-बीच में बुलेट पॉइंट्स और क्वोट्स और टेबल आदि को इन्क्लूड करने से आर्टिकल पढ़ने में रीडर्स को मज़ा आता है।

अपने टॉपिक से संबंधित कोट्स को ढूंढिए और उन्हें आर्टिकल में शामिल कीजिए।

अपनी बात को बल देने के लिए और उसको विस्तार से समझाने के लिए बुलेट पॉइंट्स का प्रयोग कीजिए।

जल्द ही आप नोटिस करेंगे कि इन चीजों का सही टरीके से प्रयोग करने से आर्टिकल का फ़्लो बढ़ गया है और आपके रीडर्स को आपका आर्टिकल पढ़ने में और ज्यादा मज़ा आ रहा है।

6) आर्टिकल को एक कहानी के जैसा लिखें (Use Art Of Storytelling):

कहानियाँ पढ़ने में किस को मज़ा नहीं आता! क्या बूढे या बच्चे, हर कोई कहानियों को पसंद करता है। तो क्यों न हम इनका इस्तेमाल अपने ब्लॉग पर करें?

ब्लॉग पर हम जो कहना चाह रहे हैं उसे हम अगर एक कहानी के रूप में पेश करें तो हमारे आर्टिकल में लोगों का इन्टरिस्ट काफी हद तक बढ़ जाता है।

इसलिए आर्ट ऑफ स्टोरीटेलिंग (Art Of Storytelling) यानि कहानी सुनाने की कला हर ब्लॉगर को जरूर आनी चाहिए क्योंकि इससे कंटेन्ट सिर्फ अच्छा ही नहीं बनता है बल्कि रीडर्स को उसे पढ़ने में रुचि भी आती है।

7) हेडिंग, सबहेडिंग और माइनर हेडिंग का प्रयोग करें (Use Different Headings):

कई लोग आर्टिकल को एक लंबे लेख के रूप में लिखते हैं और उसमें बहुत ही कम headings का प्रयोग करते हैं जिससे उनका आर्टिकल बहुत लंबा और बोरिंग लगने लगता है चाहे उन्होंने कितना भी अच्छा क्यों नहीं लिखा हो।

इसलिए आर्टिकल में जरूरत के हिसाब से हेडिंग और सबहेडिंग का प्रयोग जरूर करें क्योंकि इससे रीडर्स को आर्टिकल पढ़ने में आसानी होती है और उन्हें इसे डाइजेस्ट करने में आसानी होती है।

8) बीच-बीच में सवाल पूछिए (Ask Questions):

आर्टिकल में सिर्फ अपनी ही बात मत लिखिए बल्कि लोगों से भी उनकी बात पूछिए?

सरल भाषा में कहें तो लोगों से कुछ सवाल पूछिए… जैसे, उदाहरण के लिए, अगर आप “सुबह जल्दी कैसे उठें” पर कोई लेख लिख रहे हैं तो लोगों से पूछिए कि “क्या आपको सुबह उठने में आलस आता है?”

“क्या आप सुबह अलार्म बजते ही उसे बंद कर देते हैं?”

इस तरह के सवाल पूछने से लोग आपके लेख के साथ खुद को जुड़ा हुआ महसूस कर पाते हैं और उन्हें लगने लगता है कि जैसे इस आर्टिकल में उन्हें उनकी समस्या का समाधान मिलने वाला है।

9. अपने अनुभव लिखिए (Write Your Experiences):

अगर आप “सुबह जल्दी उठने” पर कोई आर्टिकल लिख रहे हैं तो हो सकता है कि आपका भी इससे जुड़ा कोई अनुभव रहा हो।

मसलन, हो सकता है कि आप भी पहले जल्दी न उठ पाते हों लेकिन समय के साथ आपने खुद को बदला हो और अब आप रोज सुबह जल्दी उठते हों।

तो आपने इस आदत को कैसे डेवलप किया आप इससे जुड़ा अपना इक्स्पीरीअन्स लिख सकते हैं। यकीन मानिए, यह लोगों के लिए बहुत हेल्पफुल होगा और लोगों को इससे बहुत ज्यादा प्रेरणा मिलेगी।

इससे लोगों को लगेगा कि अगर आप कर सकते हैं तो वे भी कर सकते हैं।

CONCLUSION:

आर्टिकल लिखना एक कला है और कला को सीखने में समय लगता है। आपने वो कहावत तो जरूर सुनी होगी- “Practice Makes A Man Perfect!” तो यही कहावत इसपर भी फिट बैठती है।

प्रैक्टिस करते रहिए और जो आपकी गलतियाँ हैं उन्हें सुधारते रहिए… कुछ ही महीनों में आप खुद महसूस करेंगे कि आपकी राइटिंग स्किल में काफी ज्यादा सुधार आ रहा है..

आप चाहें तो लोगों को अपना आर्टिकल पढ़ा सकते हैं और उनसे फीडबैक ले सकते हैं कि उन्हें आपका आर्टिकल कैसे लगा…

साथ ही साथ आप उनसे यह भी पूछ सकते हैं उनके हिसाब से आप इस आर्टिकल क्या क्या सुधार कर सकते हैं?

उम्मीद करते हैं कि आपको “आर्टिकल कैसे लिखें?” पर हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा। कोई सुझाव हो तो हमें कमेन्ट बॉक्स के माध्यम से जरूर बनाएँ।

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