SEO क्या है? पूरी जानकारी | SEO in Hindi – भाग:४

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आपने ब्लॉग बना लिया है.. उसपे पोस्ट भी लिख ली है लेकिन अगर आप उसका SEO नहीं करते हैं तो आपके ब्लॉग पर गूगल से कोई भी ट्राफिक नहीं आने वाला है।

इसलिए यह जरूरी है कि हम अपने ब्लॉग को सर्च इंजनस के लिए optimise करें यानि उसका SEO करें।

ब्लॉग का SEO करना बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि इसके माध्यम से हमारा ब्लॉग सर्च इंजन में ऊपर रैंक करता है जिससे लोग हमारे ब्लॉग पर आते हैं और हमारा ट्राफिक बढता है।

SEO कोई रॉकेट साइंस नहीं है इसे आप सीख सकते हैं।

SEO सीखने के लिए जरूरी है कि आपके पास ब्लॉग हो और आप उसपे नई-नई चीजें ट्राइ कर सकें।

तो चलिए जानते हैं कि एसईओ (WHAT IS SEO) क्या है और आप इसे कैसे सीख सकते हैं

1) एसईओ क्या है? (WHAT IS SEO):

एसईओ का फुल फॉर्म होता है- सर्च इंजिन ऑप्टिमाइजेशन (Search Engine Optimization)

यानि अपने ब्लॉग को सर्च इंजनों के हिसाब से ऑप्टिमाइज करना ताकि हमारा ब्लॉग सर्च इंजनों जैसे-गूगल में टॉप पर दिखे और ज्यादा से ज्यादा लोग हमारे ब्लॉग पर आ सके।

SEO में कुछ टेक्नीक्स होती हैं जिनके माध्यम से हम वेबसाइट को गूगल में सबसे ऊपर दिखाते हैं और आपको तो पता ही है कि जो वेबसाइट गूगल में सबसे पहले दिखती है लोग उसी पर क्लिक करते हैं।

तो कुल-मिलाकर हम कह सकते हैं कि “SEO बहुत सारी अलग-अलग टेक्नीक्स का काम्बनैशन है जिनका उपयोग गूगल और दूसरे सर्च इंजिनों में सबसे ऊपर रैंक करने के लिए किया जाता है।”

2) SEO के टाइप्स:

(A) On-Page SEO: ऑन पेज SEO यानि वह SEO जो पोस्ट लिखते समय किया जाता है। जब हम पोस्ट लिखते हैं तो उसमें keywords शामिल करते हैं, links ऐड करते हैं ये सब ऑन पेज SEO के अंतर्गत आते हैं।

(B) Off-Page SEO: ऑफ पेज SEO यानि जो SEO पोस्ट के पब्लिश होने के बाद किया जाता है। जैसे-आपने पोस्ट को अपने ब्लॉग पर डाल दिया तो इसके बाद आपको उसे सोशल मीडिआ पर शेयर भी करना होता है उसके लिए बैकलिंक्स भी बनाने पड़ते हैं। ये सब ऐक्टिविटीज ऑफ पेज SEO के अंतर्गत आती हैं।

(C) Technical SEO: वेबसाइट के SEO पर टेक्निकल चीजों का भी काफी ज्यादा फरक पड़ता है इसलिए वेबसाइट की अच्छी रैंकिंग्स के लिए जरूरी है कि आपकी वेबसाइट टेक्निकल एंड पर भी मजबूत हो।

इसलिए अपनी वेबसाइट की लोडिंग स्पीड सही रखें और बेहतर होगा कि आप उसमें बहुत ज्यादा हेवी कोडिंग और बहुत सारे अनावश्यक टूल्स का उपयोग न करें।

(D) User Interaction SEO: लोग आपकी वेबसाइट पर कितने समय तक रहते हैं। वे उसपे किस तरह से इनरैक्ट करते हैं। क्या वे पोस्ट शेयर करते हैं और उनपे कमेन्ट करते हैं? ये सब बाते मायने रखती हैं और इनका भी वेबसाइट की गूगल रैंकिंग्स से indirect connection होता है। इसलिए जरूरी है कि आप लोगों के आपकी वेबसाइट के साथ इक्स्पीरीअन्स पर भी पर्याप्त ध्यान दें।

(E) Local SEO: जब आप अपनी website को किसी खास जगह (location) के लोगों तक पहुंचाने के लिए SEO करते हैं तो इस तरह के एस.ई.ओ को ‘लोकल एस.ई.ओ’ कहा जाता है।

3) वेबसाइट का SEO करना क्यों जरूरी है? (Importance of SEO):

गूगल वेबसाइट पर फ्री ट्राफिक लाने का सबसे बेहतरीन तरीका है। लेकिन गूगल में आपकी वेबसाइट तभी लोगों को दिखेगी जबकि आप अपनी वेबसाइट का SEO करेंगे।

SEO करना यानि गूगल को सिम्प्ली ये बताना कि आपकी वेबसाइट बहुत अच्छी है और इससे लोगों को फायदा होने वाला है।

इस्तेमाल करने के आधार पर SEO तीन प्रकार का होता है-

Black Hat SEO- ऐसी SEO Technics का प्रयोग करना जो गूगल की policies के खिलाफ है।

White Hat SEO- इसमें सही SEO Technics का इस्तेमाल किया जाता है।

Grey Hat SEO- इसमें लीगल और इलीगल दोनों प्रकार की SEO प्रैक्टिसेस का प्रयोग किया जाता है।

4) ब्लॉग का SEO कैसे करें?

ब्लॉग का SEO करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है आप इसे आसानी से कर सकते हैं।

SEO करके सीखा जा सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप इसे करें, केवल इसके बारे में पढ़ें ही नहीं!

SEO करने का तरीका

1. सबसे पहले बहुत ही शानदार ढंग से आर्टिकल लिखें। आर्टिकल ऐसा हो जिसे पढ़ने में लोगों को मज़ा आए।

2. दूसरा, आप आर्टिकल के टाइटल में कीवर्डस डालें… उसके पहले के और लास्ट के 100 शब्दों में भी कीवर्डस का प्रयोग करें। साथ ही साथ headings, subheadings में भी targetted keywords का प्रयोग करने से साइट का SEO सुधरता है।

3. इसके बाद आप जब पोस्ट के लिए यूआरएल लिखें तो उसमें भी अपना main keywords इन्क्लूड करें।

4. इसके अलावा आप लेख में मैन पॉइंट्स को bold, italic या फिर underline करके highlight भी करें ताकि गूगल को समझने में आसानी हो कि आपका आर्टिकल किस चीज से रिलेटेड है।

5. साथ ही साथ, जहाँ पर ठीक लगे, वहाँ पर अपनी पुरानी पोस्टों का लिंक भी दें जो नई पोस्ट से जुड़ी हुई हों। ऐसा करने से लोगों को ज्यादा अच्छी जानकारी तो मिलती ही है साथ ही साथ आपकी पोस्ट के views भी बढ़ते हैं।

इसके अलावा इससे गूगल में पुरानी पोस्ट की रैंकिंग्स में भी सुधार आता है ऐसा प्रयोगों में साबित हो चुका है।

6. अपने ब्लॉग पोस्ट में आप जो पहली image लगाओ वह बेहद आकर्षक और पोस्ट के टॉपिक से जुडी हुई होनी चाहिए क्योंकि वह इमेज पोस्ट के लिंक के साथ हर जगह दिखती है और इससे लोगों के क्लिक करने के चांसेस भी बढ़ते हैं।

7. ब्लॉग पोस्ट डीटेल में लिखें। पोस्ट लिखते वक्त हर जरूरी चीज को विस्तार से समझाएँ ताकि लोगों को हर चीज clearly समझ में आए। लंबी पोस्ट लिखने से लोगों को पूरी जानकारी तो मिलती ही है लेकिन साथ ही साथ गूगल में हमारी रैंकिंग्स बढ़ने की संभावना भी बढ़ जाती है क्योंकि गूगल detailed posts को अपने सर्च में ज्यादा वरीयता देता है।

CONCLUSION:

कई लोगों को SEO करने में प्रॉब्लम होती है हालांकि SEO करना बहुत आसान है बशर्ते आप इसे एक बार सीख लें।

SEO सीखने का सबसे बेहतरीन तरीका है- “इसके बारे में पढिए.. जो चीजें आपने पढ़ीं उन्हें अपने ब्लॉग पर अप्लाइ कीजिए और फिर देखिए कि क्या वे सचमें काम करती हैं। अगर आपको लगता है कि उनसे आपके ब्लॉग को फायदा हो रहा है तो उन्हें इस्तेमाल करना जारी रखिए और अगर आपको कोई खास फायदा नहीं दिखता है तो आप उन्हें छोड़ दें।

यही SEO सीखने का सबसे बेहतरीन तरीका है।

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2 thoughts on “SEO क्या है? पूरी जानकारी | SEO in Hindi – भाग:४”

  1. सीमित और सरल शब्दो मे सौंदर्यपूर्ण व्याख्या

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