ब्लॉगिंग की शुरुआत में इन गलतियों से बचें – भाग : ७

AVOID THESE NEWBIE BLOGGING MISTAKES IN HINDI ब्लॉगिंग की शुरुआत में इन गलतियों से बचें

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ब्लॉगिंग की शुरुआत में इन गलतियों से बचें | AVOID THESE NEWBIE BLOGGING MISTAKES IN HINDI भाग : ७ 👇

किसी भी नई स्किल को सीखते समय शुरवात में गलतियाँ होना लाजिमी है।

ब्लॉगिंग भी एक स्किल है इसलिए जाहीर सी बात है कि इसे सीखते समय भी गलतियाँ होंगी।

और गलतियाँ होना पूरी तरह से ओके भी है क्योंकि इनसे आपको कई चीजें सीखने को मिलती हैं जिससे आप अपनी स्किल को बेहतर कर पाते हैं और उस चीज को सही से सीख पाते हैं।

लेकिन कुछ गलतियाँ ऐसी होती हैं जो आप पर भारी पड सकती हैं या फिर दूसरे शब्दों में कहें तो उसकी वजह से आपको काफी नुकसान उठाना पड सकता है इसलिए बेहतर होगा कि आप ऐसी मिस्टेक्स से, जितना हो सके, बचने की कोशिश करें।

इस पोस्ट में हमने कुछ ऐसी ही गलतियों की चर्चा की है जो ज्यादातर ब्लॉगर्स ब्लॉगिंग की शुरवात में करते हैं और उसका खामियाजा उन्हें बाद में भुगतना पड़ता है। तो कौन-कौन-सी हैं वो गलतियाँ चलिए जानते हैं इस पोस्ट में…

ब्लॉगिंग गलतियाँ | BLOGGING MISTAKES IN HINDI

1) अपने ब्लॉग का गलत नाम रखना (choosing the wrong name):

ये गलती बहुत सारे नए ब्लॉगर्स करते हैं। वे जल्दबाजी में अपने ब्लॉग का नाम यूही कुछ भी रख लेते हैं और बाद में उन्हें पछतावा होता है।

कि काश उन्होंने अपने ब्लॉग का नाम कुछ इससे ज्यादा बेहतर रखा होगा।

ब्लॉग बनाने से पहले कुछ दिन तक नाम के लिए रिसर्च करें। आप इस काम के लिए डिक्शनरी, मैगज़ीने, अखबार और इंटरनेट जैसे माध्यमों का प्रयोग कर सकते हैं।

कोशिश करें कि आपके ब्लॉग का नाम ऐसा हो जिससे यह साफ झलक जाए कि आप अपने ब्लॉग में कैसा कंटेन्ट सर्व करते हैं। साथ ही साथ नाम ऐसा हो जो याद रखने में आसान हो और ज्यादा लंबा न हो।

SEO के हिसाब से एसा नाम अच्छा होता है जिसमें आपका main कीवर्ड शामिल हो। इससे आपके ब्लॉग के रैंक करने मौके बढ़ते हैं।

याद रखें- “आप सबकुछ बदल सकते हैं; लेकिन सिर्फ नाम नहीं बदल सकते!”

2) अपनी राइटिंग स्किल पर ध्यान न देना (Not Working On Writing Skill):

मैंने बहुत सारे नए ब्लॉगर्स के ब्लॉग देखें हैं जिनमें से ज्यादातर का कंटेन्ट तो अच्छा होता है लेकिन उनका राइटिंग स्टाइल ज्यादा खास नहीं होता।

यानि सीधी सरल भाषा में कहें तो उनके कंटेन्ट को पढ़ने में बहुत ज्यादा मज़ा नहीं आता!

अगर लोगों को आपके ब्लॉग पर आकर पढ़ने में मज़ा आता है तो वे रेगुलरली आपके ब्लॉग पर जरूर आएंगे।

लेकिन इसके लिए पहले आपको अपने लेखन के तरीके को बेहतर बनाना होगा।

बहुत सारे लोगों को लगता है कि अच्छा कंटेन्ट ही सबकुछ है। लेकिन असल में यह बात आधी सच है।

कंटेन्ट अच्छा होने के साथ-साथ यह जरूरी है कि कंटेन्ट interesting हो जिसे पढ़ने में लोगों को रुचि आए।

अपने राइटिंग स्टाइल को बेहतर बनाने के लिए आप नए-नए तरीके से लिखने की प्रैक्टिस कर सकते हैं और जो सबसे बेहतर तरीका हो उसे अपना सकते हैं।

रोचक तथ्य, कहानी और विषय से जुड़ा अपना अनुभव लेख में शामिल करने से उसमें लोगों की रुचि बढ़ती है।

3) URL से जुड़ी गलतियाँ न करें (Don’t Commit URL Mistakes):

शुरुआत में URL के बारे में बहुत सारे लोगों को सही से पता नहीं होता जिसकी वजह से वे बहुत सारी गलतियाँ कर लेते हैं जिसका खामियाजा उन्हें बाद में भुगतना पड़ता है।

यूआरएल से ब्लॉग की रैंकिंग पर बहुत ज्यादा फर्क पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि आप यूआरएल के साथ इन बातों का ख्याल रखें-

  • URL को बार-बार न बदलें।
  • बहुत सारे redirect न लगाएँ।
  • कोशिश करें कि आप URL में numbers और dash जैसी चीजों को अवॉइड करें।
  • और यूआरल में अपना targeted keyword जरूर शामिल करें।

याद रखें- “अच्छा URL बेहतर SEO की निशानी है।”

4) स्पैम करना (Doing Spam):

शुरुआत में लोगों का backlinks बनाने को लेकर बहुत क्रैज़ होता है उन्हें लगता है कि अगर उनके ब्लॉग के backlinks बन गए तो उनका ब्लॉग गूगल में टॉप पर रैंक करने लगेगा।

इस चक्कर में कई सारे लगो कमेन्ट में जाकर स्पैम करने लगते हैं।

वो दूसरे ब्लॉग्स पर कमेन्ट करते हैं और उसमें अपनी पोस्टों का लिंक दे देते हैं।

यह गलत है और इससे आपकी वेबसाइट को कोई खास फायदा नहीं होने वाला है।

कमेन्ट में अपने नाम के ऊपर लिंक देना सही है लेकिन कमेन्ट के टेक्स्ट में लिंक insert करने से कमेन्ट spammy लगता है और ज्यादातर ब्लॉगर्स ऐसे कमेंट्स को हटा देते हैं।

इसलिए कोशिश करें कि कमेन्ट स्पैम न करें। कमेन्ट में जहाँ पर URL डालने की जगह है वही पर उसे डालें।

5) कंटेन्ट की मात्रा पर ज्यादा ध्यान देना (Producting Too Much Content):

आज इंटरनेट पर बहुत बड़ी मात्रा में कंटेन्ट उपलब्ध है। इसलिए आज ज्यादा कंटेन्ट की जरूरत नहीं है बल्कि अच्छे कंटेन्ट की जरूरत है।

लेकिन इसके बावजूद भी बहुत सारे नए ब्लॉगर्स ज्यादा मात्रा में कंटेन्ट लिखने पर ध्यान देते हैं बजाय कि अच्छा कंटेन्ट लिखने पर।

अच्छा कंटेन्ट लिखने के लिए यह जरूरी है कि आप गहरी रिसर्च करें और फिर एक शानदार तरीके में आपने जो चीजें सीखी हैं उन्हें अपने लेख में लोगों के सामने पेश करें।

ध्यान रहें आपका राइटिंग स्टाइल भी कंटेन्ट को अच्छा बनाता है। इसलिए जानकारी को एक रुचिकर तरीके में पिरोकर पेश करें।

6) बहुत ज्यादा SEO करना (Over SEO):

बहुत सारे लोग आर्टिकल को बस कीवर्ड ही कीवर्ड्स से भर देते हैं जिससे उसकी चमक खो जाती है। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से गूगल में उनका आर्टिकल टॉप पर दिखेगा जबकि असल में ऐसा नहीं होता है।

बहुत ज्यादा SEO करने से ब्लॉग का एसईओ नहीं होता है बल्कि कम ही सही लेकिन अच्छा SEO करने से ब्लॉग की रैंकिंग्स बढ़ती है।

इसलिए कोशिश करें कि आप पूरे आर्टिकल में कीवर्डस इन्सर्ट करने के बजाय सिर्फ कुछ खास जगहों जैसे कि- टाइटल, हेडिंग, सबहेडिंग, बोल्ड, इटैलिक जैसी जगहों में ही कीवर्ड इन्सर्ट करें।

इसके अलावा लिंक वहीं पर इन्सर्ट करें जहाँ पर लोगों को उसकी जरूरत हो। बेवजह लिंक इन्सर्ट करने से भी UX खराब होता है।

7) टेक्निकल चीजें न सीखना (Not Learning Technical Stuff):

आज ब्लॉगिंग करना बहुत आसान हो गया है इसमें अब पहले के जैसे कोडिंग सीखने की कोई बहुत ज्यादा जरूरत नहीं है। लेकिन फिर भी अगर आपको अपने ब्लॉग को अच्छे से मैनेज करना है तो आपको आज भी कुछ web languages का ज्ञान होना जरूरी है।

उदाहरण के लिए, HTML, CSS, JS और PHP, इन चार भाषाओं का बेसिक ज्ञान आपको तकनीकी रूप से एक बेहतर ब्लॉगर बनने में योगदान दे सकता है।

इसलिए थोड़ी-बहुत कोडिंग में हाथ जरूर आजमाएँ। इससे आपको अपने ब्लॉग के UX और लुक को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

8) व्यूस पर बहुत ज्यादा ध्यान देना (Focusing More on views):

व्यूज का ब्लॉग में बहुत ज्यादा मायने नहीं है फिर भी कई सारे नूबी ब्लॉगर्स इस पर बहुत ज्यादा जोर देते हैं, जो कि फिजूल है।

इससे बेहतर होगा कि आप अपने ब्लॉग के User Experience (UX) पर ज्यादा ध्यान दें। अपने ब्लॉग का avg read time बढ़ाने पर ध्यान दें। बाउन्स रेट कम करने पर ध्यान दें। यह ज्यादा बेहतर रहेगा।

अपने टाइटल को अच्छा बनाइये। व्यूज बहुत ज्यादा जरूरी नहीं है।

आपका ब्लॉग सक्सेसफुल तब होगा, जब व्यूज़ ‘बाय प्रॉडक्ट’ हो जाएंगे।

9) पैसे पर हद से ज्यादा ध्यान देना (Being Extremely Money Oriented):

कुछ लोगों को लगता है कि वे ब्लॉगिंग से थोड़े ही समय में बहुत ज्यादा पैसे कमा सकते हैं। मैं आपको बता दूँ कि ये बात बिल्कुल भी सच नहीं है।

ब्लॉगिंग में हर चीज को होने में वक्त लगता है और पैसा भी उनमें से एक चीज है। शुरुआत में (करीब 1 साल तक) अपने ब्लॉग से अर्निंग की कोई खास उम्मीद न रखें। बस अपने ब्लॉग को बेहतर बनाने पर काम करते जाये।

जब आपको लगे कि आपका ब्लॉग काफी पॉपुलर हो रहा है तो एडसेंस के लिए अप्लाइ करें। ध्यान रखें, कि अड़सेंस से तबतक पैसे नहीं आने वाले हैं जबतक कि आपके ब्लॉग पर रीडर्स नहीं है।

कम से कम 100 लोग तो रोजाना के बेसिस पर आपके ब्लॉग को पढ़ें।

“अगर आप अपने ब्लॉग के पीछे भागेंगे, तो एडसेंस आपके पीछे भागेगा!”

CONCLUSION:

अगर आप अपनी शुरुआत में इन गलतियों से बच निकलते हैं तो आपके आगे की ब्लॉगिंग जर्नी बेहतर हो सकती है। इसलिए जितना हो सके इन गलतियों से बचने की कोशिश करें।

इन गलतियों को अवॉइड करना आपको एक बेहतर ब्लॉगर बनने में मदद करेगा। उम्मीद है कि आपको ब्लॉगिंग गलतियों पर हमारा ये आर्टिकल पसंद आया होगा। कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेन्ट के माध्यम से जरूर बताएँ।

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