थायरॉइड के घरेलू उपाय पढ़े इस लेख में

Thyroid in Hindi थायरॉइड के घरेलू उपाय

शरीर में हार्मोन्स का असंतुलन पैदा होने पर व्यक्तिका वज़न कम या अधिक होने लगता है।

शरीर की इस स्थिति को थायराइड कहते हैं।

थायराइड की प्रमुख वजह तनाव या अवसाद, दवाओं के दुष्प्रभाव, आयोडीन की कमी या फिर इसकी अधिक मात्रा आदि होती हैं।

इसके अलावा इसका संबंध परिवार से भी होता है।

अगर परिवार मे पहले से यह रोग चलता आया हो तो भी इसके होने की संभावना बढ़ जाती है।

यह गंभीर स्थिति धारण कर ले तो गले पर गोलाकार उभार-सा बन जाता है।

इस बीमारी का पुरुषों की तुलना में महिलाओं पर अधिक प्रभाव देखने को मिलता है।

महिलाएं इसके कारण मोटापे, तनाव, कोलेस्ट्रॉल, बांझपन आदि कई गंभीर समस्याओं को झेलने को विवश होती हैं।

थायराइड के उपचार या बचाव के लिए हम कुछ घरेलू उपाय कर सकते हैं।

इन सामान्य से उपायों से हमें इस रोग से काफी हद तक आराम या राहत मिल सकती है। आइए, इन उपायों के बारे में जानते हैं।

1) अलसी के बीज

अलसी के बीजों की बातें करें तो ये विभिन्न प्रकार के रोगों के उपचार में मदद कर सकते हैं।

थायराइडिज्म से लड़ने में भी ये काफी फायदेमंद साबित होते हैं, क्योंकि इनमें फैटी एसिड के साथ-साथ मैग्नीशियम एवं विटामिन भरपूर मात्रा में मौजूद पाए जाते हैं जो दिल तथा थायराइड के लिए बेहतरीन माने जाते हैं।

अतः इसीलिए अलसी का सेवन करना लाभप्रद सिद्ध होता है।

2) एप्पल साइडर विनेगर

थायराइड के बचाव तथा उपचार में एप्पल साइडर विनेगर भी काफी फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें ऐसे तत्व विद्यमान पाए जाते हैं जो हार्मोन्स की संतुलित उत्पत्ति तथा वसा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

इसके अलावा शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण में वृद्धि और शरीर से विषैले तत्वों को हटाने में भी खास योगदान देते हैं।

3) बादाम का उपभोग

बादाम बहुत अधिक गुणकारी होता है और इसके उपभोग से थायराइड में भी आराम मिल सकता हैं।

इसमें सेलेनियम मौजूद पाया जाता है जो थायराइड को स्वस्थ या सेहतमंद बनाए रखने वाला बेहतरीन पोषक तत्व माना जाता है।

इसके अलावा इसमें मैग्नीशियम भी उपस्थित होता है जो थायराइड को स्वस्थ या सही स्थिति में बनाए रखने में योग देता है।

4) नारियल तेल

नारियल के तेल में फैटी एसिड निहित होता है जो थायराइड की कार्य क्षमता को बेहतर बनाने में खास योगदान देता है।

इसके अलावा नारियल के तेल का उपभोग उपापचय में सुधार कर वज़न घटाने में मदद भी करता है।

5) बीन्स या फलियां

बीन्स या फलियां स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी होती हैं।

फलियों में फाइबर, प्रोटीन, खनिज, विटामिन आदि भरपूर मात्रा में मौजूद पाए जाते हैं जो पाचन को स्वस्थ बनाने के साथ-साथ और भी बहुत सारे फायदे देते हैं।

ये एंटीऑक्सीडेंट तथा जटिल कार्बोहाइड्रेट की मात्रा से भी परिपूर्ण होती हैं और कब्ज जो कि थायराइडिज्म का खास कारण होती है उसको कोसो दूर रखती है।

5) विटामिन

कुछ विटामिन, जैसे कि विटामिन ‘बी’ तथा ‘डी’ आदि थायराइड की कार्य प्रणाली को बेहतर बनाए रखने में खास भूमिका निभाते हैं।

विटामिन ‘बी’ 12 हाइपोथायराइडिज्म से पीड़ित लोगों को बहुत अधिक लाभ पहुंचाता है।

हमें विटामिन ‘बी’ की पूर्ति के लिए दूध, अंडे, मांस, मछली, अखरोट आदि का सेवन करना चाहिए।

विटामिन ‘डी’ की प्राप्ति हेतु हम दूध, दही, तिल, अंडे की जर्दी आदि का सेवन कर सकते हैं।

6) मुलेठी का उपभोग

थायराइड की समस्या से ग्रस्त लोगों के लिए मुलेठी का सेवन भी काफी लाभप्रद होता है।

इसमें कई ऐसे तत्व विद्यमान पाए जाते हैं जो थायराइड की ग्रंथि को संतुलित बनाए रखने में मदद करते हैं।

7) फल एवं सब्जियों का सेवन

थायराइड की समस्या से बचे रहने में फल एवं सब्जियां भी काफी मदद करती हैं, क्योंकि इनमें विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि भरपूर मात्रा में उपस्थित रहते हैं।

इसके अलावा दही, दूध, पनीर आदि जिनमें कैल्शियम, विटामिन, खनिज आदि भरपूर मात्रा में होते हैं उनका उपभोग भी बहुत फायदेमंद होता है।

इसके अलावा अदरक में मौजूद पोटेशियम, मैग्नीशियम आदि तत्व मौजूद पाए जाते हैं जो प्रदाह या शोथ से राहत देते हैं।

8) व्यायाम या कसरत

आपके द्वारा किया जाने वाला नियमित व्यायाम या कसरत भी थायराइड की कार्य क्षमता को बढ़ाता है और उसे दुरुस्त बनाए रखता है, क्योंकि इससे हार्मोन्स के संतुलन तथा वज़न को कम करने में खास मदद मिलती है।

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