What is vitamin K, विटामिन ‘के’ के बारे में पूरी जानकारी

विटामिन के के स्रोत क्या है?

एक प्रचलित कहावत है  “पहला सुख निरोगी काया”

हमें निरोग रहने के लिए सही मात्रा में विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। अगर सही मात्रा में विटामिन और मिनरल्स शरीर को ना मिले तो निरोगी से रोगी होने तक का सफर बहुत जल्दी ही तय हो जाता है।

विटामिन और मिनरल्स की कमी से शरीर कमजोर होने लगता है और हमें कई प्रकार की बीमारियां घेर लेती है।

विटामिन खाद्य पदार्थों से मिलने वाले वह तत्व है शरीर को बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

जैसे एक गाड़ी को ठीक से चलाने के लिए पेट्रोल या डीजल की जरूरत होती है वैसे ही शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए 13 तरह के विटामिन की जरूरत होती है। इन्हीं में से एक है विटामिन K।

विटामिन K

विटामिन K वसा में घुलने वाला वह आवश्यक विटामिन है, जो शरीर में खून के बहाव को नियंत्रित करता है।

विटामिन K शरीर में प्रोथ्रोम्बिन (prothrombin) नामक प्रोटीन बनाता है जो हड्डियों को मजबूत करता है और शरीर में खून के थक्के (Blood Clotting) बनाता है, जो चोट लगने पर बहने वाले खून को रोकता है।

विटामिन K में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जिससे यह कोशिकाओं की झिल्लीयों (cellular membrane) को नुकसान पहुंचने से बचाता है। इस प्रक्रिया को पेरोक्सीडेशन (peroxidation) कहते है।

विटामिन K, विटामिन K1 और विटामिन K2 दो यौगिकों (Compound) का समूह है।

विटामिन K1 चोट लगने पर ज्यादा खून बहने से रोकता है मतलब खून को जमा देता है।

विटामिन K2 हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों में PAD (Peripheral Arterial Diseases) बीमारी के खतरे को कम करता है।

विटामिन हमें अलग-अलग तरह के खाद्य पदार्थों से मिलता है। कुछ विटामिन केवल खाद्य पदार्थों से मिलते है और कुछ विटामिन शरीर के अंदर के बैक्टीरिया भी बनाते है।

विटामिन K1 हरी पत्तेदार सब्जियों से मिलता है और विटामिन K2 मांसाहारी भोजन और फर्मेंटेड भोजन से मिलता तो है परंतु बहुत कम मात्रा में।

हमारी आंत के बैक्टीरिया भी विटामिन K2 बनाते है। जिससे शरीर में आवश्यक विटामिन K2 की मात्रा पूरी हो जाती है।

विटामिन K के वसा में आसानी से घुलने के कारण मक्खन या तैलीय पदार्थ ज्यादा खाने से शरीर विटामिन K1 को ज्यादा मात्रा में सोखता है।

शरीर में विटामिन K1 और K2 अलग-अलग अंगों में स्टोर होते है। विटामिन K1 मुख्यतः लीवर, दिल और पैंक्रियास में पाया जाता है। विटामिन K2 सामान्यतः दिमाग और किडनी में पाया जाता है।

शरीर में विटामिन K की कमी के लक्षण

1. ब्रश करते समय खून आना

2. इंजेक्शन लेते समय खून आना

3. नाक से बार-बार खून आना

4. मसूड़ों व दांतो से खून आना

5. मल मूत्र का त्याग करते समय खून आना

6. महिलाओं को मासिक धर्म के समय अत्यधिक दर्द होना

7. प्री मेंस्ट्रुल सिंड्रोम की समस्या होना

8. चोट लगने पर जल्दी ठीक ना होना

9. सिस्टिक फाइब्रोसिस और छोटी आंत की परेशानी रहना।

विटामिन K की कमी से होने वाली समस्याएं

1. चोट लगने पर खून का बहाव न रुकना

2. जोड़ों में दर्द की समस्या व बढ़ने पर ओस्टोपोरोसिस की स्थिति तक पहुंचना

3. मेनोपॉज की स्थिति में परेशानी का बढ़ना

4. हड्डियों का कमजोर होना – जिससे वृद्ध अवस्था में तो हड्डी टूटने का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

5. पाचन तंत्र का कमजोर होना।

6. आंखों की समस्या का बढ़ना।

7. एसिडिटी की समस्या का बढ़ना।

8. गर्भवती स्त्रियों के गर्भ में पलने वाले शिशुओं के संपूर्ण विकास में बाधा आना। (इंटरनल ब्लीडिंग या शिशु की उंगलियों का विकृत होना)

विटामिन K के से शरीर को होने वाले फायदे

1. कैंसर से बचाता है।

2. हड्डियों का पूर्ण विकास करता है।

3. हड्डियां को मजबूत करता है।

4. शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

5. इम्यूनिटी सिस्टम को स्ट्रांग करता है।

6. दिल और फेफड़ों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

7. डिप्रेशन और तनाव से बचाता है।

8. याददाश्त तेज करता है।

9. हृदय रोग व हार्ट अटैक के खतरे को कम करता है।
(विटामिन K धमनियों (नसों) में कैल्शियम को जमा नहीं होने देता जिससे शरीर में खून का बहाव सामान्य गति से होता रहता है)

विटामिन K के स्रोत

1. डेयरी उत्पाद – दूध/ दही/ पनीर

2. मीट/ चिकन

3. अंडे

4. पालक

5. ब्रोकली

6. स्प्राउट्स

7. गाजर

8. अंगूर

9. ब्लूबेरी

10. वेजिटेबल ऑयल

11. शलगम

12. केला

13. बींस

14. सूखे मेवे

15. हरी पत्तेदार सब्जियां

Office Of Dietary Supplement के अनुसार पुरुषों के लिए रोजाना 120 माइक्रोग्राम (mcg) और महिलाओं के लिए 90 माइक्रोग्राम (mcg) विटामिन K लेना आवश्यक बताया गया है।

हमारे पास ऊपर वाले की दी हुई सबसे कीमती वस्तुएं शरीर और समय है और कीमती वस्तुओं का हमेशा हमें ज्यादा ध्यान रखना चाहिए।

शरीर स्वस्थ रखने के लिए समय निकालना और समय के सदुपयोग के लिए स्वस्थ शरीर की आवश्यकता है। हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह नहीं होना चाहिए। हमें पौष्टिक व संतुलित आहार लेना चाहिए ताकि शरीर के लिए जरूरी सभी विटामिन और मिनरल्स आवश्यक मात्रा में मिलते रहे। इससे शरीर पर बढ़ती उम्र का प्रभाव भी नहीं दिखता और शरीर हमेशा जवां बना रहता है।

 

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