ऐसी बनाये अपनी आभार की डायरी, जो बदल दे आपकी पूरी जिंदगी

आभार का नजरिया - सुकून और खुशियों का रास्ता

आभार का नजरिया – सुकून और खुशियों का रास्ता।

नजरिया- जो आपकी जिंदगी बदल सकता है।

आभार- जो हर किसी को जरूर व्यक्त करना चाहिए।

एक गिलास जिसमे आधा पानी है, किसी की नजर में वह आधा भरा हुआ गिलास है और वहीं किसी दूसरे व्यक्ति की नजर में वह गिलास आधा खाली है। बात सिर्फ नजरिए की है।

आशावादी और सकारात्मक सोच दुख में भी सुख ढूंढ लेती है और निराशावादी और नकारात्मक सोच को सुख में भी दुख ही नजर आता है।

छोटी-छोटी चीजों से खुश होने वाला व्यक्ति हर पल मुस्कुराता है। यदि आप छोटी-छोटी चीजों के लिए आभार व्यक्त करते है। किसी के लिए कृतज्ञता दिखाते हैं तो यकीनन आपका सच्ची खुशियों से दूर रहना बहुत मुश्किल है।

आपका नजरिया और कृतज्ञता की भावना ही है जो आपके कठिन दिनों को भी आसान कर सकती है। आपके जीवन की बेहद कठिन परिस्थितियों में भी आपके लिए सुखद स्थितियां पैदा कर सकती है।

आज ‘मैं’ की भावना इतनी प्रबल है कि हमें किसी अन्य की भावनाएं नजर ही नहीं आती। आज हमारे लिए किसी का आभार व्यक्त करना बेहद कठिन काम है।

हम यह भूल गए है कि अगर यह कार्य रोज किया जाए तो यकीन मानिए जिंदगी इतनी मुश्किल नहीं लगेगी। हमें अपने आसपास सिर्फ कमियां ही नजर नहीं आएंगी। यह हमारे दिमाग और जीवन दोनों को बदलने की ताकत रखता है।

जिंदगी के किसी ऐसे मोड़ पर जब आप किसी बड़े तनाव का सामना कर रहे हो। चारों तरफ निराशा से घिरे हुए हो। खुद को टूटा हुआ महसूस कर रहे हो। अपने काम से, अपने जीवन से नाखुश हो। जीवन की सही दिशा ढूंढ रहे हो तब उन चीजों की एक सूची बना कर देखिए जिसके लिए आप ईश्वर का आभार व्यक्त कर सकते हैं।

भले ही चारों तरफ मुश्किलें दिख रही हो लेकिन आस-पास नजर घुमा कर देखिए आपको बहुत सी ऐसी चीजें मिलेंगी जो आपकी जिंदगी में सुकून और खुशियों के लिए जिम्मेदार होंगी।

चलिए आइए उन चीजों को जानें जिनके लिए आपको आभारी होना चाहिए। जो हम सबके पास है लेकिन हमें उनकी कद्र नहीं है।

जिंदगी- ना मिलेगी दोबारा

ईश्वर को धन्यवाद कीजिए कि आप जिंदा है। उनके बारे में सोचिए जो अपने अपनों को अपनी जिंदगी में दोबारा नहीं देख पाएंगे। उनसे फिर कभी नहीं मिल पाएंगे।

निरोगी काया- पहला सुख

आभार व्यक्त कीजिए- अगर आप शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ है तो जिंदगी की जंग जीत सकते है।

रोटी, कपड़ा और मकान- मूलभूत सुविधाएं

धन्यवाद कीजिए- अगर आपके सिर पर छत है, पेट भरने के लिए खाना है और तन ढकने के लिए कपड़े है तो यकीनन आप इस दुनिया की आधी आबादी से ज्यादा अमीर है।

परिवार- सच्ची खुशी

ईश्वर के आभारी रहिए- अगर आपके पास माता-पिता का आशीर्वाद है। प्यार करने वाला जीवनसाथी है। साथ निभाने वाला परिवार है। सुख-दुख बांटने वाली औलाद है।तो जिंदगी की सबसे बड़ी दौलत आपके पास है।

संसाधन- तरक्की की जरूरत

अगर आपके पास नई चीजें सीखने और आगे बढ़ने की क्षमता है, पढ़ने का जरिया, दिल बहलाने का साधन, मन को खुश करने के लिए मधुर संगीत है तो आपको ईश्वर का आभारी जरूर होना चाहिए।

सुकून के पल

अगर आप उगते हुए, ढलते हुए, सूरज को देख सकते है। अपनी सुबह योगा या जॉगिंग से कर सकते हो। आप स्वादिष्ट मनपसंद खाना खा सकते हो तो आपको ईश्वर का शुक्रिया अदा करना चाहिए।

अगर कभी सोचेंगे तो आपके आसपास ऐसी छोटी-छोटी बहुत सी चीजें मिल जाएगी जिनकी तरफ़ आपका कभी ध्यान ही नही गया था। जीवन की कठिनाइयों के बीच ये चीज़ें आपको प्रेरणा, हिम्मत, सुकून और सहारा देती है।

जीवन है, तो चुनौतियां है। दुख है, तभी सुख की कीमत पता है। दुख और सुख एक दूसरे के पूरक है। दुख और परेशानियां हमे मजबूत बनाते है। समस्याओं से लड़ना सिखाते है। अकेला सुख तो हमे नाजुक बना देगा। सुख हमारी उम्मीद बढ़ाता है और दुख उन उम्मीदों को पूरा करना सिखाता है।

हमेशा परेशानियों में कुछ अच्छा ढूंढिए, परेशानियां भी सोचेगी अरे इसे तो कोई फर्क ही नहीं पड़ता। यहां तो हमारी कद्र ही नहीं है। इसे परेशान करे या न करे।

अगर आपके किसी कार्य में विलंब (देरी) हो रही है तो उसमे अच्छा यह है कि आपको यह कार्य पूरा करने का अवसर मिल रहा है। चुनौतियां हमेशा हमे कुछ ना कुछ सीखा कर ही जाती है।

अगर आप बीमार है या आपको कोई चोट लगी है तो क्या। आप जीवित है, आप ठीक हो सकते है, बस कुछ समय का कष्ट है, जो ठीक हो जाएगा।

अगर आपने किसी अपने को खो दिया है तो आपको समझना होगा कि यह नियति है। जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु तय है। आपको अपने जीवन में उनका साथ मिला, उनसे आपने कुछ सीखा, उनके बताएं रास्तों पर चलना, उनकी अच्छाइयों को अपने जीवन में अपनाना ज्यादा अच्छा है।

जब कोई आपको पसंद नहीं करता या आपको गलत समझता है तो आपको शुक्रिया अदा करना चाहिए कि वो आप पर ध्यान दे रहा है। आप पर अपना वो कीमती समय लगा रहा है जो उसके जीवन में कभी लौट कर नहीं आएगा।

कठिन समय में आभार व्यक्त करने की कला को सीखिए। इसे रोज दोहराइए। तो यह आपके जीवन को बदल सकता है। अगर भूल जाते है तो अलार्म या रिमाइंडर सेट कीजिए पर शुक्रिया अदा करना मत भूलिए। आप अपने दिलो दिमाग में सुकून महसूस करेंगे। अपनी तरक्की के लिए शुक्रिया अदा करेंगे। आप जिस मुकाम पर पहुंचे है उसके लिए आभारी होंगे। जीवन के उतार चढाव को कभी नहीं भूलेंगे। अपने अंदर एक नई ऊर्जा और एक नई प्रेरणा महसूस करेंगे।

अंधेरों में उम्मीद की एक किरण ही काफी है, चिराग जलाने के लिए।
परेशानियों में आभार ही काफी है, जो मिला है, उसे याद रखने के लिए।

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