निक व्युजेसिक की प्रेरणादायी कहानी

निक व्युजेसिक की प्रेरणादायी कहानी

उन्नीस साल की उम्र में, निक एक प्रेरक वक्ता के रूप में मशहूर हो गए। उन्होंने 2009 में अपनी लघु फिल्म ‘The Butterfly Circus’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी जीता।

Kanae Miyahara के साथ उनका परिचय हुआ, जो 2008 में उनके प्रेरणादायक भाषण को सुनने के लिए आई थी। पहेचान प्यार में बदल गई और दोनोंने शादी कर ली।

आज निक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कैलिफोर्निया में एक संतुष्ट जीवन जीते हैं।

दोस्तों, अगर निराशाओंके बदल आपके इर्द गिर्द मंडराने लगे तो हौसला मत हारना !! निक व्युजेसिक की प्रेरणादायी कहानी याद करना!!

ये कहानी, किसी भी आम आदमी की खुशियों भरी जिंदगी की दास्तां होगी ऐसाही लगता हैं।

पर ये कहानी जनम से ही इतनी खुशियों भरी नही थी।

4 दिसंबर, 1982 को ऑस्ट्रेलिया के एक मध्यम-वर्गीय घर में एक बच्चे का जन्म हुआ।

जब बच्चे का जन्म हुआ, और नर्स ने बच्चे के माता-पिता को ये बताया कि बच्चे के हाथ और पैर ही नहीं हैं, तो उनकी माँ ने उन्हें देखने तक से इनकार कर दिया, लेकिन निक के पिता ने समझाया, की यही ईश्वर की इच्छा है तो हमें बच्चे को खुशी से अपनाना होगा।

बच्चा जन्म से ही एक गंभीर बीमारी से ग्रस्त था।

लेकिन मां-बाप ने उसे अपनाया और बड़े उत्साह से बच्चे का नाम ‘निक व्यूजेसिक’ रखा।

निक किसी अन्य बच्चे की तरह ही था लेकिन ‘टेट्रा अमेलिया सिंड्रोम’ नामक एक दुर्लभ बीमारी के साथ पैदा हुआ था।

नतीजतन, उसके दोनों हाथ और पैर जनम से ही नही थे। इस बीमारी से पीड़ित दुनिया भर में दस से कम लोग हैं और उनमें से एक निक है।

चूंकि बीमारी दुर्लभ है, इसलिए इसके लिए सही उपचार प्राप्त करना मुश्किल है।

और वास्तव में, चूंकि दोनों हाथ और पैर जन्मजात नहीं हैं, इसलिए माता-पिता के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस बच्चे को विकलांगता से उबरने और जीने की शिक्षा देने की थीं।

निक जन्म से ही इस दुर्लभ बीमारी से पीड़ित थे। निक के लिए अपने दैनिक कामों का अध्ययन, खेलना और रोज मरहा के काम करना आसान नहीं था।

जैसे निक बड़ा हो रहा था तब, डॉक्टर ने निक के हाथ और पैर की जगह के हिस्से से उंगलियों को संचालित किया और अलग किया ताकि उन उंगलियों की मदद से कुछ वस्तुओं को पकड़ना संभव हो सके।

निक के जीवन में हर वो कठिनाई थी जो एक मजबूत आदमी को कमजोर बनाती है।

उसने दस साल की उम्र में आत्महत्या करने की भी कोशिश की थी।

लेकिन निक की माँ ने उसे प्यार से निराशा के गहराई से निकाला और जीने की ललक पैदा की।

निक के माता-पिता चाहते थे कि वह पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो। बचपन मे ही, उन्होंने उसे तैरना सिखाया।

उन्होंने उसे टाइप करना औऱ कलम पकड़ना भी सिखाया।

निक के माता-पिता ने उसे एक विशेष बच्चों के स्कूल (विकलांग स्कूल) में पढ़ाने से इनकार कर दिया।

और उसे सामान्य बच्चों के स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। परिणामस्वरूप, उन्हें आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा।

लेकिन निक के भविष्य के लिए, यह बहुत ही अच्छा साबित हुआ।

एक सामान्य बच्चों के स्कूल में होने का फायदा यह था कि निक सामान्य बच्चों की तरह ही सब कुछ करने की कोशिश करते रहे, और उस कोशिश का फल निक को मिलता भी गया।

पंजे जैसी उंगलियों की मदद से, निक न केवल पढ़ और लिख सकता था, बल्कि फुटबॉल और गोल्फ खेलने जैसी असंभव चीजें भी कर सकता था। ड्रम बजाना, पेंटिंग, स्काई डाइविंग जैसी कलाए भी निक को निक ज्ञात थीं।

आज निक अपने मुंह की मदद से गियर बदलकर कार भी चलाते हैं।

पर क्या ये सफर इतना आसान होगा? विकलांगता से जुंजते हुए निक की जन्दगी ने करवट तब ली, जब निक तेरह साल के थे।

जब निक तेरह वर्ष के थे, तब उनकी मां ने उन्हें एक अखबार का लेख पढ़के सुनाया।

उस लेख में एक विकलांग व्यक्ति के संघर्ष और सफलता की कहानी थी। तब निक को एहसास हुआ कि वह दुनिया में अकेली नहीं हैं। जो ऐसी तकलीफ़ोसे गुजर रहें है।

तब निक की माँ ने, अपना मन बना लिया की लोगों कि बात से हताश होने की जगह उत्साह के साथ जीवन जीना, निक को सिखाएंगी।

उन्नीस साल की उम्र में, निक एक प्रेरक वक्ता के रूप में मशहूर हो गए। उन्होंने अकाउंटिंग फाइनेंस में डिग्री भी ली।

2007 में, उन्होंने एक कंपनी शुरू की जिसका नाम है’एटिट्यूड इज अल्टीट्यूड’।

जल्द ही, उन्हें एक प्रेरक वक्ता के रूप में जाना जाने लगा। उन्होंने ‘लाइम विदाउट लाइफ़’ नाम की एक सामाजिक संस्था भी शुरू की।

उन्होंने 2009 में अपनी लघु फिल्म ‘द बटरफ्लाई सर्कस’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी जीता।

2008 में उनके प्रेरणादायक भाषण को सुनने आए ‘कान्ये मियाहारा’ के साथ उनका परिचय प्रेम में बदल गया और उन्होंने शादी कर ली।

आज निक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कैलिफोर्निया में एक संतुष्ट जीवन जी रहें हैं।

जिसे देखने के बाद नर्स डर गई थी, आज उसी निक को देखने और सुनने के लिए, दुनिया भर के लोग उत्सुक रहेते हैं।

बड़े बड़े हॉल उनके प्रेरक भाषणों को सुनने के लिए पैक रहते हैं।

निक ने वो कर दिखाया जो कोई आसानी से नहीं कर पाता। निक अपने भाषण में कहते हैं,

अगर चमत्कार आपके साथ नहीं होते हैं, तो आप खुद एक चमत्कार बन जाएं।

निक कहते हैं कि उनके पास उनके रास्ते में आने वाली हर मुश्किल से बाहर निकलने का एक रास्ता है।

दोस्तों, अगर निराशाओंके बादल आपके इर्द गिर्द मंडराने लगे तो हौसला मत हारना !! निक व्युजेसिक की प्रेरणादायी कहानी याद करना!!

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