इन पांच आदतों से दूर रहें जो वित्तीय संकट का कारण बनती है

इन पांच आदतों से दूर रहें जो वित्तीय संकट का कारण बनती है

वित्तीय अनुशासन आपके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण बात है। अगर हम समय पर कुछ आदतों को नहीं पहचानते तो वित्तीय स्थिति गिरने में देर नहीं लगती।

इस लेख में पांच आदतों के बारे में पढ़ें जिनसे आपको बचना चाहिए।

क्या आप जानते हैं, हमारे जीवन में वित्तीय संकट के लिए हमारी कुछ आदतें जिम्मेदार हैं?

किसी कारणवश हमारे अंदर अच्छी और बुरी आदतें दोनों होती है। बुरी आदतें खुद ब खुद बनती है जबकि अच्छी आदतें बड़ी मुश्किल से बनती है।

अच्छी आदतें बड़ी मुश्किल से हमें प्राप्त होती है। इस लेख में हम यही जानने वाले हैं कि हम कैसे अपनी कुछ अपनी बुरी आदतों को छोड़कर अपने परिवार को वित्तीय संकट से उबार सकते हैं।

तो आइए हमारे साथ लेख के अंत तक बने रहें।

दोस्तो जब भी कोई संकट हमारे सामने आता है हम घबरा जाते हैं कि अब क्या करें!

ये संकट हमारी आंखे खोल देती है क्योंकि इस तरह के झटके हमारे जीवन में कभी न कभी तो आते ही हैं।

ये किस तरह के झटके हैं??

ये झटके हैं अचानक बीमारी, अचानक शारीरिक क्षति, अचानक बड़े खर्च, अचानक प्राकृतिक आपदा।

व्यापार में अचानक हानि, या नौकरी में हानि।

ऐसा ही कुछ होता है और बड़ा झटका हमें लग जाता है। क्योंकि ये सभी झटके पैसे से जुड़े होते हैं।

जाहिर है पैसे के बिना आप किसी भी झटके से उबर नहीं सकते ।

इसका मतलब है जीवन में ऐसे कई वित्तीय संकट हमारे ऊपर आते हैं और ये संकट हमारी कुछ बुरी आदतों की वजह से आते है।

ये बुरी आदतें आपके जीवन में आती है और आपको चोट पहुंचा कर चली जाती है।

इन आदतों की वजह से ऐसे झटके भी आते हैं जो आपके जीवन को तबाह कर सकतें है। आपकी सारी योजनाओं को तूफान की तरह उड़ा लेे जातें है।

फिर देखते हैं ये कौन सी आदतें हैं जो हमें मुसीबत में डालती है।

1) पहेली आदत हैं, जीवन में वित्तीय नियोजन कैसे करें, यह सीखने में हमारा आलसी होना है

यह हमें अच्छे से समझना चाहिए कि जब हम जीवन में पैसा कमाना शुरू करते हैं, तो हम उस पैसे को कैसे खर्च करते हैं।

और यह एक अच्छी बात है जो हमें हमेशा करनी चाहिए। यदि आपके पास ये अच्छी आदत नहीं है तो आपकी वित्तीय स्थिति में सुधार होने के बजाय आप मुसीबत में पड़ जाएंगे ।

यह सीखना कोई कठिन बात नहीं है, यह एक सामान्य ज्ञान है।

तो यदि आप वित्तीय परेशानी में नहीं पड़ना चाहते हैं। तो या तो अपनी कमाई बढ़ाएं या यदि आप ऐसा करने में असमर्थ हैं तो अपने खर्चों को कम करें।

इस तरह आपको वित्तीय परेशानी में पड़ने की चिंता नहीं होगी। जब आप वित्तीय योजना को सीखना शुरू करते हैं तब आपको आभाष हो जाएगा कि वास्तविक धन क्या है।

इतना ही नहीं वित्तीय योजना सीखने के क्रम में ही आप ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज की ताकत को जान पाएंगे।

अगर आप इसे नजर अंदाज करते हैं तो यह बल आपके खिलाफ काम करता रहेगा और आप हमेशा वित्तीय संकट में पड़ोगे।

आपको यह भी सीखना होगा कि वित्तीय लेन देन कैसे करें। फर्जी लोगो के संपर्क में आकर आप अपने जीवन की बहुमूल्य कमाई को लुटा नहीं सकते।

2) संयम के बिना खरीद और लापरवाही करना

हर दिन बाजार में बिक्री के लिए नए नए आइटम आ रहे हैं। उन वस्तुओं का विज्ञापन हर जगह किया जाता है।

टीवी, सिनेमा, चौक पर बड़े बड़े पोस्टर, बोर्ड, अख़बार और सोशल मीडिया, पत्रिकाएं आदि में बहुत सारी छूट दिखाकर विज्ञापन किए जाते हैं।

और हम अपना आपा खो देते हैं, अनावश्यक वस्तुओं की खरीद कर लेते हैं। ये लो, वो लो जब नया लगे कुछ न कुछ ले ही लो। ये आदत आपको गहरी खाई में डुबोने के लिए काफी हैं।

यदि हम इन चीजों को न भी खरीदें तो हमारा काम बाधित नहीं होगा। लेकिन हमारा मन कहता है ये बाजार में नया है इसे लेे ही लो।

लगातार उन चीज़ों को खरीदनेसे हमारे वित्तीय बजट में उतार चढ़ाव आता है, और हम अपनी बचत को खर्च करते रहते हैं ।

वास्तव में इसे मूर्खता ही कहा जा सकता है। अगर हमारे घर से ऑफिस की दूरी 5 km है तो हमें कार खरीदने की क्या आवश्यकता है ! हम तो इलेक्ट्रिक बाइक से भी काम चला सकते हैं।

हा, अगर आप उन खर्चो को अफोर्ड कर सकते हैं तो आमदनी के हिसाब से खरीदारी करना यक़ीनन अच्छा ही हैं।

यदि आप अपने खरीद पर कंट्रोल नहीं करते तो ये आदत आपको परेशानी में डाल सकती है। और इसको नोटिस करना आसान नहीं है समय आपको खुद बता देता है।

3) हमेशा दिखावे के लिए बड़ी चीजें खरीदना

कुछ लोग अपने पड़ोसियों, रिश्तेदारों और उनसे मिलने आने वाले लोगों को अपनी संपत्ति दिखाने के लिए गहने और कीमती सामान खरीदते हैं।

आडंबर की ये आदत आपको वित्तीय संकट के गर्त में धकेल सकती है।

आपके किसी रिश्तेदार के पास कार है तो जरूरी नहीं की आपके पास भी car होना ही चाहिए।

अगर हम सिर्फ दिखावे के लिए कार खरीद लें तो फिर EMI का चक्र शुरू हो जाता है।

और इस कटिले ब्याज वाले चक्र में उस समय फंस जाते हैं। जब हमें इसकी आवश्यकता ही नहीं होती है।

ये आदत न हमें आर्थिक रूप से विकलांग बनाती है, बल्कि हमें संकट में भी डालती है।

बेशक इस तरह की खरीद सही समय पर की जानी चाहिए। और ये सुनिश्चित करना चाहिए कि हम कर्ज के बोझ में न डूबे।

4) उच्च ब्याज दर पर ऋण लेने की आदत

घर खरीदना, कार खरीदना वो भी उच्च ब्याज दर पर कभी कभी हमारे लिए खतरनाक हो सकता है।

आप अगर क्रेडिट कार्ड से ऋण लेते हो जिसका ब्याज दर काफी उच्च है और EMI भुगतान में आपको चक्रवृद्धि ब्याज से दण्डित किया जाता है।

ऐसे में तब आपके लिए ये लोन खतरनाक हो जाता है जब आपको इस लोन से प्रॉफिट नहीं हो रहा हो।

अगर आप इसका भुगतान नहीं कर पाते तो फिर आप इस ब्याज के कुचक्र में फंस जाते हो।

फिर इस ऋण से उबर पाना आपके लिए काफी मुश्किल हो जाता है।

कर्ज कभी ख़तम नहीं होता और कर्ज लगातार आपके कंधे पर बढ़ता ही रहता है।

घर या कार खरीदते समय भी इस तरह का लोन लेना तभी उचित होगा जब किश्त का प्रस्ताव 100% हो।

अन्यथा अगर लोन के पैसों से कोई आमदनी नहीं होती है तो ऐसा लगता है जैसे आपने कोई संकट पैदा कर दिया है।

व्यवसाय में लगाया गया धन आपको कुछ आय प्रदान करता है। लेकिन यह घर या car खरीदने जैसा नहीं है इसलिए इस तरह के ऋण के कारण एक व्यक्ति परेशानी में पड़ सकता है।

यदि ऋण की किश्त आय से अधिक हो तो यह आपको बर्बाद कर सकता है।

5) और पांचवीं आदत, कमाई से ज्यादा खर्च करना

यदि आपके हाथ में हर महीने एक निश्चित राशि है तो आपको उस राशि से कम खर्च करना चाहिए।

इसका मतलब आप बिना किसी परेशानी के अपना जीवन चला रहे हो लेकिन आपके खर्चे अगर आपकी आय से अधिक है तो इसे wake up कॉल मानें।

इस तरह खर्चों का धीरे धीरे पहाड़ बढ़ेगा लेकिन आय कम होगी।

कुछ लोग जितना कमाते हैं उतना खर्च करते हैं।

कुछ लोग कमाई से अधिक खर्च करते हैं।

और कुछ लोग जितना कमाते है, खर्च उससे भी कम करके पैसे बचा लेते हैं। ऐसे लोग वित्तीय संकट में नहीं फसते। वे बचत पर जाते हैं उनके पास वित्तीय संकट से उबरने की क्षमता होती है।

अब आप अनुमान लगा सकतें है, कि इनमें से क्या आदतें हैं जिनसे आपको दूर रहना है।

इनसे क्या सीखना है? इसलिए आप जितना कमाते हैं उससे कम खर्च करें।

यदि खर्च अधिक है तो यह सुनिश्चित करें की आपकी आय में भी वृद्धि हो।
पैसे कमाने के कई तरीके हैं।

बचत करके वित्तीय संकट से मुकाबला करें। जश्न मनाने के लिए ऋण मत लें और दिखावे मत करें।

यदि आपकी ये कुछ आदतें है तो आपको बदलना होगा और जिससे वित्तीय संकट कभी भी खड़ा नहीं होगा।

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धन्यवाद।

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