अगर आप भी परेशान हैं बातूनी लोगो से, तो डील करें ५ तरीको से

batuni logose kaise deal kare

अगर आप भी परेशान हैं बातूनी लोगो से, तो डील करें ५ तरीकों से

If you are troubled by talkative people, then deal with them in 5 ways

दोस्तों इंसान और जानवर में जो सबसे बड़ा फर्क है वो ये कि इंसान अपने अनुभव को दूसरे से बोलकर शेयर कर सकता है जो कि जानवर नहीं कर सकते।

हम किसी दूसरे इंसान के खुशी, दुःख, सपने, डर, जीत हार के बारे में सुन सकते हैं और दूसरे भी हमारी बात सुन सकते हैं। यही खासियत हमें जानवरों से अलग करती है। लेकिन दोस्तो समाज में हमारे बीच बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो हद से ज्यादा बाते करते हैं। 

ज्यादा बात करने वाले थोड़े सनकी या खिसके हुये होते हैं। वो दूसरे के बारे में बिल्कुल भी नहीं सोचते कि उनके मन के अन्दर क्या चल रहा है और दूसरों को परेशान करते रहतें हैं, बस अपने ही धड़ल्ले से बोलते रहते हैं। 

दोस्तों अधिक बात करने वाले लोगों से परेशानी तो होती ही है लेकिन अधिक बात करने का एक वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक कारण भी है। आज का ये लेख आपको सिखाएगा कि आप ऐसे अधिक बोलने वाले लोगो से कैसे deal करें।

बहुत अधिक बात करने वाले लोगों से पेश आने के लिए ५ तरीके 

१. दूरी बनाएं

अधिक बोलने वाले लोगों की बातों को पहले तो थोड़ी देर तक सुनते रहें। आप ये समझने की कोशिश करें कि अगला क्या कहने का प्रयास कर रहा है? क्या वो अपनी बातों के ज़रिए खुद की प्रशंसा कर रहा है?

आप स्वयं को विनम्र करते हुए उनसे कहिये कि आप फिर कभी उनकी बातों को सुनेंगे। अभी आपको किसी जरूरी काम से जाना है और ऐसा कहते हुए आप उनसे दूरी बना लीजिए आपका ऐसा करना उनको भी बुरा नही लगेगा।

२. बात खतम हो चुकी फिर भी बोल रहे हैं, ऐसा realise कराना

इस प्रकार के बातुनि लोगों की बातों को कुछ देर एंटरटेन करने के पश्चात अत्यन्त ही नम्रता पूर्वक उनसे पूछिए कि यदि आप उनको बोलने में बाधित करते हैं तो उनको खराब तो नहीं लगेगा।

वो खुद ही बोल पड़ेंगे “नहीं नहीं मैं ज्यादा बात कर रहा हूँ। आप को भी अपनी बातों में फँसा रखा हूँ।”

हो सकता है वो ये भी कहें कि “मैं बस इस विचार को बोलके ही अपनी बात समाप्त कर रहा हूँ।”

आप धीरे से उनसे कहें कि मैंने तो समझा की आपकी बात समाप्त हो चुकी है।

ऐसे लोगो को इस तरह से बोलके ही चुप कराना होगा।

३. बात के बीच में ही रोकना

अधिक बात करने वाले जब अपना एक या दो विचार पूरा कर लें तो फिर जैसे ही वे किसी और चीज़ की ओर बढ़ना शुरू करते हैं, आप उन्हें बीच में ही रोक दें।

जब आप बीच में कुछ बोलते हैं, तो आप उन्हें जो कहते हैं, उसके बारे में कुछ कहने के लिए तैयार रहें। यदि संभव हो तो कुछ ऐसा बोलिये जो उनके बारे में सकारात्मक दर्शाता है।

अगर वे आप पर बात करना शुरू कर दें तो आप परेशान न हों।

४. conversation बन्द कर देना

जब बातें बहुत लंबी हो जाए तो आप बातचीत बंद कर दें।

ऐसे व्यक्ति को यह बताना सही अर्थ में हानिकारक नहीं है जिसे आप अधिक समय से सुन रहे हैं और जितना समय आप देना चाहते हैं उससे अधिक दे चुके हैं तथा आपको वास्तव में दुःख है कि आप और आगे उनकी बात नहीं सुन सकते हैं क्योंकि आपके पास काम है जो आपको करना है और आप बाद में इस बातचीत को जारी रखेंगे।

अगर वे उस तरह के व्यक्ति हैं जो बातचीत जारी रखने के लिए बाद में फिर से वापस आते हैं, तो बस आप उनसे ये कहें,”नहीं जी, क्षमा करें, मैं अभी बहुत व्यस्त हूं”।

५. खुद के अनुभावों को शेयर करें

आप अपने स्वयं के अनुभव को उनके साथ शेयर करें जिससे कि उनको ऐसा लगे कि आप उन्हें समझते हैं। एक ही तरह की किसी घटना की याद, एक ही प्रकार की भावना, कोई एक मजेदार कहानी। इस तरह की कुछ भी घटना उनके साथ शेयर करें।

अधिक बोलने वाले लोगो कि qualities 

1) बोलने वाले साफ दिल के होते हैं। इनके मन में किसी तरह का छल कपट नहीं होता। मगर फिर भी ये बात १०० टका ऐसीही हो ये जरुरी नहीं

2) दूसरों की परवाह किये बिना ये निडर हो कर अपनी बात करते ही रहतें हैं। ऐसे लोगों में किसी प्रकार का शर्म नहीं होता। वो ये नहीं सोचते हैं कि सामने वाला उसको अच्छा समझ रहा है या बुरा।

3) इनके पास बहुत से ideas होतें हैं जिनको कि शेयर करने से वो भागते नहीं है चाहे वो किसी और के काम के हों या नहीं हो।

4) ऐसे लोग तो दिल खोलके अपना राज़ सबके आगे रख देते हैं।

5) इनके अन्दर स्वार्थ या चालाकी एकदम नहीं होती है और ये लालची भी नहीं होते।

6) इनकी खासियत होती है कि ये अनाप शनाप बाते करके लोगों को अपनी ओर आकर्षित करना चाहते हैं।

7) कभी कभी तो ये जान बुझ कर गलती करते हैं और कभी गलती करने का नाटक भी करते हैं ताकि लोग उन्हीं पर ध्यान दें, और उनकी बाते ही सुने।

निष्कर्श

हम सभी के जीवन में कोई न कोई इस तरह का व्यक्ति मिलता ही है जो लोग बिना सुने बस बोलते ही रहतें हैं। ये लोग यह नहीं समझते कि सुनना एक महत्वपूर्ण हिस्सा है बोलने और दूसरों से जुड़ने के लिए। 

तो दोस्तों यदि आप किसी सहकर्मी, मित्र या किसी प्रियजन से परेशान हैं जो बहुत अधिक बात करते हैं तो ऊपर पांच सरल सुझाव दिए गए हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं।

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