आइए देखें कि कैसे आलस से छुटकारा पाया जाये ……

आइए देखें कि कैसे आलस से छुटकारा पाया जाये

आलस्य बहुत नुकसान पहुँचाता है… मुझे यह पता है लेकिन करना क्या हैं ये नहीं पता हैं… ?? आइए देखें कैसे पाये आलस से छुटकारा……..

सभी ने एक बच्चे के रूप में ‘लेजी मैरी’ के गीत / कविता को सुना है।

लेकिन क्या यह गॉसिप आज भी आप पर लागू होती है.. ?? लेकिन इसे कैसे पहचाना जाए..? यह आसान है.. खुद से ये तीन सवाल पूछे:

1) क्या किसी काम को करने में बहुत आलास आता है .. ??

2) चलो थोड़ी देर के लिए सोते हैं या लेटते हैं और फिर काम करना शुरू करते हैं.. क्या आपको हमेशा ऐसा लगता है… ??

3) आज नहीं, कल कुछ करेंगे.. इसलिए काम में देरी हो रही है .. ??

अगर इन सब का जवाब ‘हां’ है, तो यह कहना सुरक्षित है कि ‘लेजी मैरी’ बचपन से ही आपके साथ है।

लेकिन आपको यह अहसास नहीं है कि यह लेजिनेस्स, यह आलस्य अनजाने में आपको असहाय बना रहा है। आपके जीवन का व्हिलन हैं ये लेज़िनेस!!

कभी-कभी ये बातें आपकी समझ में भी आती होगी, लेकिन शरीर में आलस्य इतना घुल-मिल जाता है कि इसका उपाय करने की आवश्यकता ही महसूस नहीं होती।

छुट्टी का आनंद लेने और हर दिन छुट्टी होने की तरह व्यवहार करने के बीच एक अंतर है।

एक हफ्ते के काम से होने वाली थकान से छुटकारा पाने के लिए आपको एक तो भी छुट्टी लेनी ही पड़ती है।आप उस छुट्टी के दौरान बहुत आराम कर सकते हैं, नई ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं और अगले सप्ताह फिर से काम के रथ को खींचने के लिए तैयार हो सकते हैं।

हालाँकि, यह अवकाश, जैसे-जैसे इस अवकाश का विश्राम बढ़ता है, शरीर की ऊर्जा भी काम हो जाती है.. और केवल आलस्य शरीर में भरा होता है…. जो आपको सभी गतिविधियों से दूर ले जाता है।

लेकिन दोस्तों, यह आलस्य जानबूझकर नहीं है।

इसके पीछे कुछ कारण हो सकते हैं। कभी-कभी काम से न मिलने वाली छुट्टी के कारण और कभी-कभी किसी तनाव के कारण मन और शरीर बहुत थक जाता है।

इसलिए कुछ नहीं करते हुए बस बैठे रहना चाहते है। काम का एक पहाड़ दिखाई देता है लेकिन उसे उठाना नहीं चाहते |

मतलब, इस आलस्य के पीछे कुछ गहरा कारण होना चाहिए .. !!

तो आइए देखते हैं कि इस आलस से छुटकारा पाने और अपनी कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए हमें क्या करना होगा।

१. सबसे पहले, हमें यह पता लगाना होगा कि हम आलसी क्यों महसूस करते हैं:

तुम्हें 5 दिनों के काम के बाद, 2 दिन का सप्ताहांत आराम करने के लिए पर्याप्त है।

कुछ लोगों को 6 दिनों के लिए काम करने के बाद केवल एक दिन की छुट्टी मिलती है… वह भी आराम करने के लिए पर्याप्त है।

लेकिन जिन पुरुषों और महिलाओं का अपना व्यवसाय होता है, उनके पास आमतौर पर छुट्टी नहीं होती है|

व्यवसाय की अनुसूची कार्यालय से अलग होती है। महिलाओं को हर दिन ऑफिस का काम और घर का काम करना पड़ता है।

व्यापार और सप्ताहांत पर, जब हर कोई घर पर होता है, तो अतिरिक्त काम होता है .. और कोई भी काम मै हाथ बटाने के लिए नहीं आता है..

इसलिए बहुत सारे लोग, चुकीं वे इतनी मेहनत करते हैं तो एक दिन काम पर नहीं जाना चाहते|

इतना घृणित हो जाते है की इससे बचने के लिए हर दिन नए बहाने ढूंढना चाहते है, पहले काम टालने। फिर धीरे-धीरे इससे जी चुराने लगते हैं।

लेकिन बहुत सारे काम करने और फिर उस काम को हमेशा के लिए बंद करने  के बजाय, आपको समय-समय पर अपने शरीर को आराम देना होगा।

आराम करें, आउटिंग करें ताकि यह आलस दूर भाग जाए.. ताजा रहें और नए सप्ताह के साथ, नए कार्य करें|

२. आप जो काम कर रहे है वो आपके पसंद का हैं या नहीं… ??

हम पैसा कमाने के लिए काम करते हैं, एक व्यवसाय शुरू करते हैं.. ज्यादातर हमें जो पसंद होता हैं, उसी क्षेत्र में अध्ययन करते हैं और उसी क्षेत्र में काम करना शुरू करते हैं..

लेकिन कुछ वर्षों के बाद,  उस काम से ऊब जाते हैं.. कभी-कभी काम पसंद नहीं आता है… इसलिए उस काम को करने का मन नहीं होता है।

आदमी संतृप्त हो जाता है.. वह हर चीज के बारे में आलसी महसूस करने लगता है…. लेकिन ऐसा होने देना योग्य नहीं है।

यदि आप अपनी वर्तमान नौकरी छोड़ सकते हैं और जो आपको पसंद है उसे बदल सकते हैं, तो उत्तम.. लेकिन कुछ के लिए यह संभव नहीं है.. इसलिए एक छोटा ब्रेक लें। अपने आप से संवाद करें।

किस जरूरत के लिए आपने इस काम को स्वीकार किया है? क्या उन ज़रूरतों को पूरा किया गया है? या आलसी दिन बिताने से लक्ष्य पूरा हो जाएगा? इसके बारे में सोचो।

अपने आप को प्रेरित रखें.. तभी आपका मन चार्ज होगा और आप आलस्य को दूर रह कर काम करना शुरू करेंगे।

३. उस कार्य को सरल करें जिसे आप करने में आलस महसूस करते हैं:

आलस्य के पीछे काम का दायरा, कारण हो सकता है। अगर कोई एक बहुत बड़ा टास्क / कार्य है.. और कभी-कभी ये बात परेशान करती है, जब लगता है कि लंबे समय तक इस पर काम को करना है।

तो ऐसे समय में क्या करें.. ?? इसे आसान बनाने के लिए??

अब गृहिणियों का उदाहरण लेते हैं.. गृह कार्य पूरे दिन समाप्त नहीं होता है…. लेकिन कुछ गृहिणियां हर काम को स्मार्ट तरीके से करती हैं.. जैसे कि कल के कठिन मेनू की तैयारी एक दिन पहले करना।

घर के बच्चों को कुछ ज़िम्मेदारी देकर उनसे प्यारसे काम निकलवाना। किसी एक दिन साधारण खाना पकाने, धुलाई, इस्त्री या मसाले रखने से दिन खत्म करके।

अगर आप इस तरह के काम को छोटे-छोटे हिस्सों में बाट कर खत्म करते हैं, तो आप उस काम से ऊबेंगे नहीं। आपको आलस महसूस नहीं होगा।

तो आपके द्वारा किए गए किसी भी कार्य को विभाजित किया जाना चाहिए.. इसे चरणों में पूरा किया जाना चाहिए.. कभी-कभी किराए के आधार पर मदद लेना  भी ठीक होता है।

मैंने खुद मनाच्याTalks के काम की गुणवत्ता का ध्यान रखा जाना चाहिए इस लिए, अपने आसपास के कुछ कामों को आउटसोर्स करनेकी कोशिश की हैं | ऐसा करने से हम आलस या ऊब से हम बच सकते हैं |

बहुत अधिक कार्यभार भी आलस्य को निमंत्रण है।

हमें खुद सब कुछ करना ही  ज़रूरी नहीं है। कड़ी मेहनत करने से थकने के बजाय, हमें इसे समझदारी से करने पर ध्यान देना चाहिए।

४. कुछ कार्यों के लिए विशेषज्ञों की सहायता की आवश्यकता होती है:

एक रविवार की छुट्टी होती है और घर के कामों की एक सूची होती है।

लेकिन अगर आप यह सब काम पूरा करना चाहते हैं, तो भी आपको ही इसे करना ही है ऐसा जरूरत नहीं है।

उदाहरण के लिए, कुछ काम घरेलू सहायक द्वारा किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, प्लंबर और इलेक्ट्रीशियन को उचित शुल्क दे कर काम करवाया जा सकता  है।

कभी-कभी आप परिवार के सभी बड़े और छोटे सदस्यों की टीम बना सकते हैं और कुछ कार्यों को हंसी और खेल से समाप्त कर सकते हैं।

बस एक दूसरे का समर्थन करने में सक्षम होना चाहिए.. क्योंकि प्रेरणा से हम बड़े पहाड़ों को स्थानांतरित कर सकते हैं ।।

कुछ कार्य हमेशा बहुत उबाऊ लगते हैं।अगर वह पसंद नहीं होतो है।

जैसे कि दीवाली की सफाई, पंखे की सफाई, घास की कटाई, बगीचे का काम, कार की धुलाई… तो इस काम को कैसे पूरा करें… ?? हर बार इसे अगले रविवार को करने के लिए स्थगित कर दिया जाता है…. इस काम का दुश्मन मतलब आलस्य है ।।

एक-दूसरे के साथ छोटी-छोटी प्रतियोगिताएं करें, गाने गाकर काम पूरा करें।

कुछ समय के लिए घर के पुरुष गृहिणी को छुट्टी दें और भोजन स्वयं बनाएं या बाहर से ऑर्डर करें।

काम की नैतिकता तब आती है जब सभी को एक साथ काम करने में मज़ा आता है। अगर आप इस तरह से काम करने की आदत डालेंगे तो आपके आस –  पास आलस भटकेगा भी नही .. !!

५. आलस से छुटकारा पाने के लिए अंतिम उपाय खुद को समझाना है:

कभी-कभी सहायता प्राप्त करना, श्रमिकों को प्राप्त करना या आपके लिए आवश्यक कौशल प्राप्त करना मुश्किल होता है, जिसमें केवल आप ही मास्टर हो सकते हैं।

कुछ कार्य केवल, हम खुद कर सकते हैं या केवल अपने द्वारा किए जाने पर ही वो ठीक से किए जा सकते हैं।

तो अगर आप ऐसे समय में आलस से भरे हैं, तो यह कैसे चलेगा… ??

इसलिए, ये खुद को समझने का समय होता है.. अगर आप जैसा ही कोई भी व्यक्ति पूरी तरह काम नहीं कर रहा है, तो कौन करेगा ??

और अगर किसी ने किया, तो क्या आप इसे पसंद करेंगे.. ??ऐसा खुद को समझाएं…. वास्तव में खुद को करने के लिए मजबूर करें ।।

एक बार जब मनमाफिक काम पूरा हो जाता है और सभी लोग वाहवाही करते हैं, तो हम अपनी कठिनाइयों को भूल जाते हैं.. और आलस महसूस करने के कोई भी संकेत नहीं मिलते।

इसीलिए ये ‘महान’ कहावत प्रचलित है।

 कल करे सो आज कर.. आज करे सो अब..!!

यदि हम विश्राम और आलस्य के बीच के अंतर को समझते हैं, तो हम इस कहावत को समझ सकते हैं।

जो आलस में दिन बीताने वाला है, वह कहता है कि इसे आज नहीं कल करना है.. और उसका ‘कल’ कभी नहीं आता है।

लेकिन जिसे जीवन में लक्ष्य हासिल करने का नशा होता है, वह जिद्दी होता है, वह कहता है ‘कल क्यों.. ?? मैं आज काम शुरू करता हूं.. वास्तव में, अभी, इस पल ही शुरुआत करता हुं.. !!”

और फिर हम जानते हैं कि ऐसे लोग इतिहास बनाते हैं.. तो चलो दोस्तों…. चलो आलस्य को दूर करते हुए काम शुरू करते हैं…. हम नहीं जानते कि कुछ महान काम हमारे हाथों से हो सकते हैं…. हम भी दुनिया की वाहवाही प्राप्त कर सकते हैं.. है ना.. !!

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