क्या आपको पता हैं? रेलवे स्टेशन पर समुद्र तल की ऊंचाई क्यों लिखी जाती है ?

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रेलवे स्टेशन पर हम में से हरेक कोई जाता ही है। रेलवे जन सामान्य के लिए और हमारे देश के लिए एक जीवन रेखा की तरह है। रेलवे की वजह से ही भारी-2 माल की ढुलाई होती है।

हम सस्ते किराये की मदद से पूरे देश में आवागमन कर सकते हैं। रेलवे अगर न हो तो बड़ी-2 फैक्टरियों के लिए मजदूर भी न मिल पाएंगे क्योंकि मजदूर गरीब होता है और

रेलवे के अलावा जो भी अन्य साधन हैं वे इतने मंहगे हैं कि उसकी जेब इतना भार सहन नहीं कर पाएगी।

इस सबसे एक बात तो पक्की है ही कि रेलवे की जगह कोई अन्य यातायात साधन नहीं ले सकता। रेलवे की बातें तो आप सुन ही रहे हैं और रेल का गुणगान भी कर रहे हैं

लेकिन क्या आपने कभी यह गौर किया है कि रेलवे स्टेशन पर जो पीले रंग के बोर्ड पर स्टेशन के नाम के साथ-साथ नीचे समुद्र तल से ऊँचाई भी लिखी रहती है। लेकिन आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों किया जाता है ? नहीं न चलिए हम बताते हैं:-

रेलवे स्टेशन के नाम से साथ दर्ज होती है समुद्र तल की ऊंचाई

हर स्टेशन पर उसका नाम पीले रंग के बोर्ड पर लिखा रहता है। बोर्ड पर नाम के नीचे उक्त स्टेशन की समुद्र तल से ऊंचाई भी लिखी हुई होती है।

आपने इस बात पर शायद ही कभी नोटिस किया होगा कि ये समुद्र तल से ऊंचाई क्यों लिखी रहती है ?

हमारे महत्व की चीज न होने के कारण हम इस बात पर ज्यादा ध्यान भी नहीं देते हैं। समुद्र तल की ऊंचाई का एक लोको पायलट और गार्ड के लिए विशेष महत्व है। आखिर क्या है वो विशेष महत्व चलिए हम बताते हैं।

समुद्र तल किसी स्थान की ऊंचाई जानने में मदद करता है
धरती की ऊंचाई कहीं भी समान नहीं है। कहीं ऊंची तो कहीं नीची है। इसलिए धरती की ऊंचाई जानने के लिए समुद्र तल का सहारा लिया जाता है।

यह तरीका सभी तरीकों में सबसे ज्यादा कारगर है। समुद्र तल की ऊंचाई हर परिस्थिति में बहुत ज्यादा ऊंची-नीची नहीं होती है। इसीलिए रेलवे समुद्र तल को ही ऊंचाई का सबसे सटीक तरीका मानता है।

रेलवे के लिए क्या महत्व है समुद्र तल की ऊंचाई का

चलिए अब हम बात करते हैं कि रेलवे के लोको पायलट और गार्ड के लिए इस समुद्र तल की ऊंचाई का क्या महत्व है ?

रेल इंजन रेलगाड़ी को किसी स्थान से खींचने के लिए अपनी शक्ति और स्टार्क का इस्तेमाल करता है। यदि कोई स्थान ऊंचा है तो लोको पायलट अपनी गाड़ी के इंजन को स्टार्क मोड पर लगा देता है।

और अगर जगह ढलान वाली है तो लोको पायलट इंजन को ब्रेक मोड पर लगा देता है।

कब स्टार्क मोड पर लगाना है और कब ब्रेक मोड पर लगाना है, रेलवे स्टेशन पर लिखी समुद्र तल की ऊंचाई लोको पायलट की मदद करता है।

तो है न कमाल का कारण रेलवे स्टेशन पर लिखे समुद्र तक की ऊंचाई का कारण।  आपको हमारी यह जानकारी कैसी लगी हमें जरूर बताइए और ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए।

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