Category: बोधप्रत कहानियाँ

bagh aur manushya

दुर्जन सदा दुर्जन ही रहता है।दुर्जन सदा दुर्जन ही रहता है।

किसी जंगल में एक बूढ़ा बाघ रहता था। बुढ़ापे के कारण उसके अंग शिथिल हो गए थे। अपने भोजन के ...

शारीरिक शक्ति से बुद्धि बलवान होती है।

शारीरिक शक्ति से बुद्धि बलवान होती है।शारीरिक शक्ति से बुद्धि बलवान होती है।

किसी राजा के महल में बहुत ही खूबसूरत बगीचा था। उस बगीचे के पास बड़ा सा तालाब था। तालाब के ...

बोधप्रत कहानियाँ

अति उत्साह नुकसानदेह हो सकता हैंअति उत्साह नुकसानदेह हो सकता हैं

बहुत पुरानी बात है, एक ढोलकिया अपने पत्नी और बेटे के साथ एक छोटे से गांव में रहता था। वह ...

kumkum bhagya

भाग्य कभी नहीं बदलताभाग्य कभी नहीं बदलता

बहुत समय पहले की बात है। एक साधु अपनी पत्नी के साथ नदी के तट पर रहता था। उन दोनों ...

क्या बिल्ली ने महल में ख़ुशी पाई?

क्या बिल्ली ने महल में ख़ुशी पाई?क्या बिल्ली ने महल में ख़ुशी पाई?

एक निर्धन वृद्ध महिला एक छोटी-दुबली बिल्ली के साथ एक झोपड़ी में रहती थी। बिल्ली बचे-खुचे टुकड़ों और कभी-कभार मिलने ...

शेखी बघारने वाले दोस्त और शेर

शेखी बघारने वाले दोस्त और शेरशेखी बघारने वाले दोस्त और शेर

एक छोटे से नगर में चार ब्राह्मण विद्यार्थी रहते थे। वे एक-दूसरे के बहुत अच्छे मित्र भी थे। उनमें से ...

अहंकार और लालच बुरी बला है

अहंकार और लालच बुरी बला हैअहंकार और लालच बुरी बला है

हंस और मूर्ख कछुआ एक बार की बात है। एक कछुआ और दो हंस आपस में बहुत अच्छे मित्र थे। ...