जानिए अपनी कार्यक्षमता (Productivity) बढ़ाने के आसान तरीके

कार्यक्षमता Productivity बढ़ाने के आसान तरीके

कार्य क्षमता अथवा (Work Capacity) हमारे अंदर की वह शक्ति या स्टेमिना होता है, जिसके बल पर हम अपने कार्य संपन्न कर पाते हैं।

हर व्यक्ति की कार्य क्षमता अलग होती है।

कोई व्यक्ति किसी काम को करने में बहुत जल्दी थक जाता है, और आगे काम करना उसके वश में नहीं रहता तो वह काम करना बंद कर देता है।

इसके विपरीत कोई अन्य व्यक्ति उसी काम को लंबे समय तक करता रहता है और थकान महसूस नहीं करता।

इसका सीधा-सा मतलब यह होता है कि दूसरे व्यक्ति की कार्य क्षमता पहले व्यक्ति की तुलना में बहुत अधिक है।

जिसकी कार्य क्षमता अधिक होती है वही व्यक्ति काम को लंबे समय तक कर पाता है।

व्यक्ति चाहे तो अपनी कार्य क्षमता को खुद बढ़ा सकता है। आइए जानें कैसे

१) कार्य को मन लगाकर संपन्न करना

कार्य को मन लगाकर करना जरूरी है, क्योंकि अगर कार्य में मन नहीं होगा तो उसे करने की रुचि नहीं होगी और रुचि नहीं होगी तो काम करने वाला उससे जल्दी ही थककर एक ओर बैठ जाएगा।

अतः जो भी कार्य करो उसमें पूरा मन लगाने की कोशिश करो ताकि वह आपकी पसंद का कार्य बन जाए तथा आप उसे बिना थके पूरा करें।

२) तनाव मुक्त होकर काम करना

तनाव या चिंता का व्यक्ति की कार्य क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

तनावपूर्ण स्थिति में कोई भी व्यक्ति एनर्जेटिक या ऊर्जावान नहीं रहता तथा जल्दी ही थकान या ऊब महसूस कर कार्य करना छोड़ देता है।

उसे कार्य करने में आलस आता है और वह आज का काम कल पर टालता चला जाता है।

इस प्रकार उसका स्वभाव उसकी अवनति या उसके कष्टों का कारण बन जाता है।

इसलिए तनाव या चिंता से मुक्त होने के उपाय कर खुद के मन -मस्तिष्क को ताजा या फ्रेश रखने का प्रयास करें तथा अपनी कार्य क्षमता को नया लुक दें।

तनाव रहित रहने का सबसे बेहतर उपाय हैं- व्यायाम एवं यौगिक क्रियाएं करना।

ध्यान, प्राणायम, शवासन एवं खेल-कूद आदि।

इसके अतिरिक्त खुद को सकारात्मक सोचने का आदी भी बनाएं।

अगर ऐसा करेंगे तो निश्चित ही तनाव से बचे रह सकेंगे।

३) काम करने के सही तरीके का ज्ञान

दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं जिसे काम न करना पड़ता हो।

अमीर हो या गरीब काम सभी को करना होता है या यूं कहिये कि जीवन का ध्येय ही कर्म यानी काम है।

जिस मनुष्य ने इस सत्य को नहीं समझा वही जीवन में पिछड़ गया और उसी ने सारा जीवन दुखों व कष्टों में काटा।

अगर भरोसा न हो तो अपने आसपास शोध करके इस सत्य को जांच-परख के देख लो बात खुद ही समझ में आ जाएगी।

कार्य क्षमता को बेहतर बनाने का एक सही व प्रभावपूर्ण उपाय, कार्य करने के उचित तरीके से अवगत होना भी है।

अपने कार्य की दैनिक सूची बनाने की आदत डालिए।

कार्य सूची बनाकर सबसे पहले वे काम पूरे कीजिए जिनमें ज्यादा मेहनत की जरूरत पड़ेगी।

कम मेहनत वाले कार्य उनके उपरांत पूरे कीजिए।

इससे आपकी कार्य क्षमता बढ़ेगी और आप अपने सब काम समय पर पूरे कर पाएंगे।

आलस भी हमारी कार्य क्षमता को प्रभावित करता है।

एक एक्टिव या चुस्त-फुर्त व्यक्ति आलसी व्यक्ति से कार्य करने में ज्यादा सक्षम होता है।

आइए देखें कि कैसे आलस से छुटकारा पाया जाये ……

मन -ही-मन में अपने कार्यों का स्मरण कर उन्हें करने का उत्साह अगर लगातार जगाते रहेंगे तो निश्चय ही आलस आपका साथ छोड़ता जाएगा और आपकी कार्य क्षमता दिनोंदिन निखरती जाएगी।

४) कार्य को दूसरों के भरोसे कभी मत छोड़ो

कुछ लोग स्वभाव से ही ऐसे होते हैं कि अपना हर काम दूसरों से कराना चाहते हैं।

ऐसे लोगों की अपनी कार्य क्षमता को स्वतः ही ग्रहण लग जाता है।

ऐसे लोग पूरा जीवन बिता देते हैं मगर कभी आत्मनिर्भर नहीं बन पाते।

इसलिए जीवन में मनचाही उन्नति करनी है, तो खुद की कार्य क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान दीजिए।

अपने हर काम को अपनी पूरी जिम्मेदारी से समय पर पूरा कीजिए।

ऐसा करेंगे तो आपकी कार्य क्षमता अपने आप स्पीड पकड़ती जाएगी और आप अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने का सपना साकार होते देख पाएंगे।

कार्य क्षमता को बेहतर बनाए रखने या उसमें अनूठी वृद्धि करने के लिए व्यक्ति का स्टेमिना या उसकी भीतरी ताकत का मजबूत बना रहना अनिवार्य है।

स्टेमिना को बढ़ाने के लिए आप ये निम्न उपाय कर सकते हैं।

५) उचित खान -पान

ऐसे खाद्य-पदार्थ नियमित रूप से खाइए जो आपके स्टेमिना को बढ़ाने के लिए जरूरी हैं, जैसे कि, बादाम, फल वगैरह…

दुनिया के सबसे ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक खाद्य -पदार्थ के रूप में बादाम जाना-माना है।

विटामिन ‘ई’ तथा ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर बादाम शरीर को ऊर्जावान बनाता है और दिमाग को तेज रखता है।

६) केला

केला भले सामान्य फल लगता हो मगर हमारे स्टेमिना को बढ़ाने में चमत्कारी योगदान देता है।

इसलिए केले को अपने दैनिक आहार में अनिवार्य रूप से सम्मिलित कीजिए।

केले में कैल्शियम, फाइबर, पोटेशियम आदि प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

इसका सेवन त्वरित ऊर्जा देता है और एकाग्रता बढ़ाता है।

शरीर के लिए एनर्जेटिक ड्रिंक का काम करता है केला।

इन आयुर्वेदिक औषधियों को भी आजमाएं

१) अश्वगंधा

यह एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि है जिसमें एंटीऑक्सीडेंट तत्व प्रचुर मात्रा में मौजूद पाए जाते हैं।

तथा जो हमारी फिजिकल परफार्मेंस में अनूठा सुधार लाते हैं।

२) ब्राह्मी

यह एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि है जिसका सेवन हमारे एनर्जी लेवल को तो बढ़ाता ही है साथ ही हमारी मैमोरी व हैंड-आई कार्डिनेशन को भी बढ़ाता है।

यह हमारे दिमाग को तेज भी करती है।

इन सब खूबियों को देखते हुए इसे मैमोरी बूस्टर की संज्ञा दी जाती है।

इनके अलावा तुलसी और शतावरी भी ऐसी औषधियां हैं जिनका सेवन करके हम अपने स्टेमिना के साथ-साथ अपनी कार्य क्षमता में भी वृद्धि कर सकते हैं।

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